दिवाला धनशोधन के 88 मामलों में कर्जदाताओं को बड़ी राहत, करीब 50% वसूली में मिली सफलता

Insolvency: आंकड़ों के अनुसार वित्तीय ऋणदाताओं को दावे का 48.24 प्रतिशत और परिचालन कर्जदाताओं का 48.41 प्रतिशत वसूल हो गया. कर्जदाताओं को इन 88 मामलों में 68,766 करोड़ रुपये वसूल हुए
दिवाला धनशोधन के 88 मामलों में कर्जदाताओं को बड़ी राहत, करीब 50% वसूली में मिली सफलता

11 मामलों में वित्तीय कर्जदाताओं को 100 प्रतिशत वसूली हुई. (फाइल)

दिवाला एवं ऋणशोधन संहिता के तहत 88 मामलों में कर्जदाताओं के 1.42 लाख करोड़ रुपये से अधिक के दावे का करीब आधा हिस्सा अबतक वसूल किया जा चुका है. आधिकारिक आंकड़ों में इसकी जानकारी दी गई. भारतीय दिवाला एवं ऋणशोधन बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार, 28 फरवरी तक 88 मामलों में 1.42 लाख करोड़ रुपये से कुछ अधिक राशि का दावा किया गया था. इनमें वित्तीय कर्जदाताओं का दावा 1.36 लाख करोड़ रुपये का था और परिचालन के लिये कर्ज देने वाले (माल एवं सेवा की आपूर्ति करने अथवा बकाये कर्ज के भुगतान के लिये दिया गया) ने 6,469 करोड़ रुपये के कर्ज का दावा किया था.

आंकड़ों के अनुसार वित्तीय ऋणदाताओं को दावे का 48.24 प्रतिशत और परिचालन कर्जदाताओं का 48.41 प्रतिशत वसूल हो गया. कर्जदाताओं को इन 88 मामलों में 68,766 करोड़ रुपये वसूल हुए. इनमें वित्तीय कर्जदाताओं को 65,635 करोड़ रुपये और परिचालन कर्जदाताओं को 3,131 करोड़ रुपये मिले.

बोर्ड ने पिछले सप्ताह एनसीएलएटी को हलफनामे में इसकी जानकारी दी. हलफनामे के अनुसार कुछ मामलों में दावे से भी अधिक राशि की वसूली हुई. बोर्ड के अनुसार, 88 में से 11 मामलों में वित्तीय कर्जदाताओं को 100 प्रतिशत वसूली हुई जबकि परिचालन कर्जदाताओं को महज छह मामले में पूरी वसूली हुई.

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वित्तीय कर्जदाताओं को तीन मामलों में 100 प्रतिशत से अधिक वसूली मिली. कुछ बड़े मामलों में भूषण स्टील के मामले में 57,505.05 करोड़ रुपये, इलेक्ट्रोस्टील मामले में 13,958 करोड़ रुपये और मोनेट इस्पात मामले में 11,478.08 करोड़ रुपये की वसूली हुई.

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