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LokSabha Elections 2024, EPFO Payroll Data: लोकसभा चुनाव 2024 के बीच रोजगार के मोर्चे पर सरकार के लिए राहत भरी खबर आई है. शनिवार 20 अप्रैल को जारी ईपीएफओ के प्रोविजनल पेरोल डेटा के मुताबिक फरवरी, 2024 में ईपीएफओ में 15.48 लाख सदस्य जुड़े हैं. डाटा के मुताबिक फरवरी के महीने में ईपीएफओ में 7.78 लाख नए सदस्य जुड़े हैं. डेटा का एक उल्लेखनीय पहलू ये है कि इसमें 18-25 उम्र के युवाओं का दबदबा रहा है, जो कुल नए सदस्यों का महत्वपूर्ण 56.36 फीसदी है.
EPFO के डाटा से पता चलता है कि संगठित कार्यबल में शामिल होने वाले ज्यादातर युवा हैं. इसमें मुख्य रूप से पहली बार नौकरी चाहने वाले हैं. पेरोल डाटा ये भी दर्शाता है कि लगभग 11.78 लाख सदस्य बाहर निकल गए और बाद में ईपीएफओ में फिर से शामिल हो गए हैं. दरअसल इन सदस्यों ने अपनी नौकरी बदल ली थी और ईपीएफओ के दायरे में आने वाले ऑर्गनाइजेशन में फिर से शामिल हो गए.इन्होंने अंतिम निपटान के लिए आवेदन करने के बजाय अपने जमा किए पैसों को ट्रांसफर करने का विकल्प चुना है. इससे दीर्घकालिक वित्तीय कल्याण की रक्षा हुई और उनकी सामाजिक सुरक्षा का विस्तार हुआ
पेरोल डेटा का विश्लेषण से पता चलता है कि 7.78 लाख नए सदस्यों में से लगभग 2.05 लाख नई महिला सदस्य हैं. इसके अलावा, फरवरी महीने के दौरान कुल महिला सदस्यों की संख्या लगभग 3.08 लाख रही है. उद्योग-वार डेटा के विश्लेषण से पता चला है कि मासिक आधार पर उद्योगों में लगे प्रतिष्ठानों जैसे कंप्यूटर के निर्माण,मार्केटिंग सर्विसिंग और उपयोग में लगे प्रतिष्ठान, सड़क मोटर परिवहन, ऑटोमोबाइल सर्विसिंग, कपड़ा आदि में कारोबार करने वाली कंपनियों से सबसे ज्यादा सदस्य जुड़े हैं.
ईपीएफओ के डाटा के मुताबिक कुल शुद्ध सदस्यों में से, लगभग 41.53 फीसदी अतिरिक्त विशेषज्ञ सेवाओं (मैनपावर सप्लायर्स, सामान्य ठेकेदारों, सुरक्षा सेवाओं, विविध गतिविधियों आदि)से हैं.