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Success Story: एग्री सेक्टर में अब हर कोई आकर अपनी किस्मत आजमाना चाहता है. कॉरपोरेट सेक्टर में अच्छी सैलरी पाने वाले लोग अपना प्रोफेशन चेंज कर वापस जमीन से जुड़ रहे हैं. श्रीनगर के मीर गोहवर एक ऐसे ही शख्स हैं जिन्होंने एग्रीकल्चरल साइंस में मास्टर किया और प्राइवेट कंपनी में जॉब कर रहे थे. लेकिन उन्होंने 5 साल बाद नौकरी छोड़ दी और सेब की खेती (Apple Cultivation) के लिए फार्म इनपुट्स की मार्केटिंग का काम शुरू किया. आज उनके बिजनेस का सालाना टर्नओवर 1 करोड़ रुपये से ज्यादा है.
अपना खुद का मालिक बनने का सपना देखने के कारण उन्होंने नौकरी छोड़ दी और कमाई के वैकल्पिक स्रोतों की तलाश शुरू कर दी. इस दौरान उन्हें एग्री-क्लिनिक और एग्री-बिजनेस सेंटर (एसीएबीसी) योजना के बारे में जानकारी मिली. उन्होंने इंडियन सोसाइटी ऑफ एग्री बिजनेस प्रोफेशनल्स (ISAP), श्रीनगर के नोडल अधिकारी से संपर्क किया और योजना के बारे में सारी जानकारी पर विचार-विमर्श किया. बिना देर किए वह ट्रेनिंग प्रोग्राम में शामिल हो गए.
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2 महीने की ट्रेनिंग लेने के बाद मीर ने 35 लाख रुपये की कुल लागत से फार्म इनपुट शॉप शुरू किया. श्रीनगर सेब उत्पादन का केंद्र है. मीर ने कहा, अधिकांश किसान सेब उगा रहे हैं, इसलिए मैंने सेब उत्पादकों की जरूरतों को पूरा करने के लिए दुकान में सभी इनपुट उपलब्ध रखने का फैसला किया.
इसके अलावा, वो सेब की खेती के लिए कल्चरल प्रैक्टिस से लेकर कटाई-छटांई तक की पूरी साइंटिफिक पैकेज देते हैं. साथ ही कीटों और बीमारियों की पहचान और उसके नियंत्रण के बारे में भी जानकारी देते हैं.
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मीर गोहवर अपने फार्म इनपुट बिजनेस बेहतर कमाई कर रहे हैं. वो 100 गावों के 5000 से ज्यादा किसानों को अपनी सेवा दे रहे हैं. इससे उनको सालाना 1 करोड़ रुपये का कारोबार हो रहा है. उन्होंने अपने बिजनेस में दो लोगों को रोजगार भी दिया है.
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