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(Image- FreepiK)
Kisan Drone: खेती-किसानी में ड्रोन का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है. ड्रोन ने खेती में कीटनाशकों के छिड़काव का काम आसान कर दिया है. इससे किसानों की मेहनत और लागत में कमी आती है. जिससे उनका मुनाफा बढ़ता है. खेती में ड्रोन (Drones) के महत्व को देखते हुए बिहार सरकार ने पायलट प्रोजेक्ट के तहत रबी की खेती में ड्रोन से 38 हजार एकड़ में कीटनाशक छिड़काव का लक्ष्य तय किया है.
बिहार सरकार, कृषि विभाग के मुताबिक, डीबीटी पोर्टल पर रजिस्टर्ड किसान इस योजना का लाभ ले सकते हैं. पहले चरहण में हर जिले में एक-एक हजार एकड़ में ड्रोन से कीटनाशक के छिड़काव की योजना है. सरकार प्रति एकड़ किसानों को 250 रुपये सब्सिडी देगी. अधिकतम 10 एकड़ तक एक किसान ड्रोन से कीटनाशक छिड़काव पर सरकार से अनुदान ले सकते हैं. किसान तिलहन, दलहन के साथ आलू, मक्का और गेहूं पर कीटनाशक का छिड़काव करवा सकते हैं. कृषि विभाग के मुताबिक, कीट, खरपतवार, जीवाणु की वजह से सालाना 35 फीसदी फसल बर्बाद होती है.
किसान पारंपरिक तरीके से अभी कीटनाशक का छिड़काव करते हैं. खुद से कीटनाशक का छिड़काव करने से इसके दुष्प्रभाव की जानकारी नहीं होती. इससे पानी, मेहनत और पैसे की भी बर्बादी होती है. ड्रोन (Drone) के इस्तेमाल से कीटनाशक के छिड़काव से किसानों की सेहत पर असर नहीं पड़ेगा. एक एकड़ में महज 8 से 10 लीटर पानी में कीटनाशक के छिड़काव का काम हो जाएगा. इस काम को पूरा करने में 8 से 10 मिनट लगेंगे.
ड्रोन चलाने के कृषि विभाग ने एजेंसी के सेलेक्शन का प्रोसेस शुरू कर दिया है. एसओपी भी जल्द घोषित की जाएगी. अधिकतम 10 एकड़ तक ड्रोन से छिड़काव पर सरकार ने सब्सिडी राशि तय की है. किसान कहीं से भी ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. ड्रोन से छिड़काव की सूचना संबंधित क्षेत्र के किसानों को 24 घंटे पहले देनी होती. पंचायत सचिव, पंचायत समिति सदस्य और प्रखंड कृषि पदाधिकारी की ओर से किसानों को सूचना दी जाएगी.