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50 हजार रुपये के थोड़े से निवेश से सब्जियों की नर्सरी शुरू की. (File Photo)
Business Idea: कुछ करने की ठान लिया जाए तो क्या नहीं हो सकता है. ये कर दिखाया है, सहारनपुर के राशिद अहमद ने. राशिद ने सब्जियों की नर्सरी के जरिए अपनी आय को सालाना लाखों रुपये तक पहुंचाया. अब वह दूसरों की प्रेरणा का जरिया भी बन गए है. राशिद अहमद, उत्तर प्रदेश में सहारनपुर जिले के अब्दुलशपुर गांव के रहने वाले हैं. वो कृषि में इंटरमीडिएट और एक बहुत ही गतिशील कृषि उद्यमी हैं. 2010 से कृषि और ग्रामीण विकास केंद्र (CARD), मुजफ्फरनगर से जुड़े हुए हैं. राशिद ने नर्सरी शुरू करने से जुड़ी ट्रेनिंग ली.
शुरुआती दिनों में उन्होंने नोडल प्रशिक्षण संस्थान को कैटरिंग सर्विस प्रदान कीं. इस दौरान उन्हें केंद्र में चल रहे एग्री-क्लीनिक एंड एग्री-बिजनेस सेंटर (एसी एंड एबीसी) योजना के बारे में पता चला. यह जानकर कि इंटरमीडिएट कृषि उम्मीदवार प्रशिक्षण के लिए आवेदन कर सकते हैं, वे बहुत खुश हुए और बिना देरी किए प्रशिक्षण कार्यक्रम शामिल हो गए.
ट्रेनिंग के दौरान उम्मीदवार को रियल ट्रेनिंग के लिए खेत पर ले जाया जाता है. तकनीकी और मैनेजरियल ज्ञान प्राप्त करने के लिए एक स्थापित यूनिट में तीन दिन रहना अनिवार्य है. इस दौरान उन्होंने एक नर्सरी के साथ काम किया और सारी जानकारी ली. वो हैरान रह गए कि सब्जी के पौध की लागत 5 से 35 रुपये तक होती है.
ट्रेनिंग पूरी होने के बाद राशिद नर्सरी के बिजनेस से जुड़ गए. उन्होंने 50 हजार रुपये के थोड़े से निवेश से सब्जियों की नर्सरी शुरू की. नर्सरी ने साल भर बिक्री पर टमाटर, बैंगन, मिर्च, हरी/लाल मिर्च, सभी गार्ड, ककड़ी, आदि जैसी सब्जियों की फसलों का सबसे बड़ा चयन पेश किया. राशिद ने कहा, पौधे व्यवस्थित रूप से उगाए जाते हैं और अच्छी तरह से स्थापित रूट सिस्टम के साथ वितरित किए जाते हैं.
राशिद ने सब्जियों की नर्सरी से अच्छी कमाई कर रहे हैं. उनके फर्म किसान जीवन नर्सरी का सालाना टर्नओवर 15 लाख रुपये है. उनके इस बिजनेस से 15 गावों के 150 किसान जुड़े हैं. उन्होंने 4 लोगों को रोजगार दे रहे हैं.
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