आलू की ये किस्म किसानों को कराएगी तगड़ी कमाई, कम समय में होगी बंपर पैदावार

Potato Cultivation: आलू की ये किस्म उत्तर भारत के उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, बिहार, पंजाब, हरियाणा, गुजरात, झारखंड, छत्तीसगढ़, असम और ओडिशा में कुल आलू एरिया का 80% से अधिक और देश में कुल आलू क्षेत्र का लगभग 33% कवर करती है. 
आलू की ये किस्म किसानों को कराएगी तगड़ी कमाई, कम समय में होगी बंपर पैदावार

आलू की किस्म 'कुफरी पुखराज'. (Photo- ICRA)

Potato Cultivation: देश में आलू की मांग पूरे साल रहती है. इसलिए, अपने देश में आलू की खेती भी बड़े पैमाने पर की जाती है. आलू की कई किस्में हैं, लेकिन 'कुफरी पुखराज' (Kufri Pukhraj) खास है. यह किस्म उत्तर भारत में काफी लोकप्रिय है. कम अवधि में अधिक आलू उत्पादन के लिए भी Kufri Pukhraj किस्म को जाना जाता है. अगर आप आलू की खेती करना चाहते हैं तो कुफरी पुखराज किस्म को प्राथमिकता देनी चाहिए. आईसीआरए ने ट्वीट कर यह जानकारी दी है.

भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICRA) के मुताबिक, उत्तर भारत के उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, बिहार, पंजाब, हरियाणा, गुजरात, झारखंड, छत्तीसगढ़, असम और ओडिशा में कुल आलू एरिया का 80% से अधिक और देश में कुल आलू क्षेत्र का लगभग 33% कवर करती है. साल 2021-22 के दौरान कुफरी पुखराज किस्म से सालाना 4,729 करोड़ के आर्थिक लाभ का अनुमान है.

Add Zee Business as a Preferred Source

kufri pukhraj potato

आलू की खेती की तैयारी

आलू की बुवाई के लिए एक गहरी जुताई मोल्डबोर्ड या डिस्क प्लाउ से करने के बाद दो या तीन हल्की जुताई डिस्क हैरों अथवा कल्टीवेटर, रोटावेटर से करना पर्याप्त होता है. प्रत्येक जुताई के बाद पाटा लगा देना चाहिए. ध्यान रहे कि खेत की मिट्टी भुरभुरी हो जाए और खरपतवार पौधों से मुक्त रहे.

बुवाई का समय

उत्तर पूर्वी मैदानी इलाकों में आलू की बुवाई के लिए उपयुक्त समय अक्टूबर के अंतिम सप्ताह से मध्य नवंबर है और विभिन्न इलाकों में आलू की बुवाई का निश्चित समय तापमान, मिट्टी की अवस्था और फसल चक्र में लगाई गई फसल आदि बातों पर निर्भर करती है.

Zee Business Hindi Live TV यहां देखें

TAGS:

  1. 1
  2. 2
  3. 3
  4. 4
  5. 5
  6. 6