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पाइपलाइन गैस अधिक सस्ती और सुरक्षित होती है (प्रतीकात्मक फोटो- रायटर्स).
सार्वजनिक क्षेत्र की गैस कंपनी गेल इंडिया ने बताया कि प्रधानमंत्री ऊर्जा गंगा (पीएमयूजी) कार्यक्रम के तहत गैस पाइपलाइन मध्य भारत से उत्तर प्रदेश के गोरखपुर तक पहुंच गई है. कंपनी ने कहा कि प्राकृतिक गैस गोरखपुर तक ले जाने वाली 165 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन सफलतापूर्वक चालू हो गई है. गेल ने यहां एक बयान में कहा, ‘‘इसके साथ पीएमयूजी का 750 किलोमीटर लंबे ट्रंक पाइपलाइन खंड-1 पूरा हो गया है. यह शुरू में मंजूरी परियोजना मार्ग का 30 प्रतिशत है.’’ इसमें कहा गया है कि गोरखपुर में गेल की ढांचागत सुविधायें क्षेत्र में बनने वाले उवर्रक संयंत्रों और शहरी गैस परियोजना के वास्ते गैस आपूर्ति शुरू करने के लिये तैयारी में है.
कंपनी का कहना है कि अब वह स्थानीय उपभोक्ताओं को गैस देने के लिए पूरी तरह तैयार है. आने वाले दिनों में फर्टिलाइजर और सीएनजी स्टेशन स्थापित कर रही कंपनी टोरंट गैस प्राइवेट लिमिटेड को गैस की आपूर्ति की जाएगी. टोरंट गोरखपुर में घर-घर पाइपलाइन से गैस आपूर्ति की योजना भी बना रही है. ये गैस एलपीजी के मुकाबले अधिक सुरक्षित और 40 प्रतिशत सस्ती होती है. इससे पहले गेल ने पाइलपाइन में नाइट्रोजन गैस डालकर चेक किया कि गैस निर्धारित प्वाइंट पर पर पहुंच रही है या नहीं. सफल परीक्षण के बाद अब कंपनी मांग के अनुसार गैस आपूर्ति के लिए तैयार है.
गोरखपुर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का गृह क्षेत्र है. केंद्र की मोदी सरकार और राज्य में योगी सरकार दोनों ही गोरखपुर सहित पूर्वांचल के विकास के लिए काफी सक्रिय हैं. माना जा रहा है कि गेल की गैस पाइपलाइन के चालू होने से इस क्षेत्र के औद्योगिक विकास में भी तेजी आएगी.