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एनबीसीसी तथा सुरक्षा समूह ने मौजूदा बोली में कर्ज भुगतान समाधान के लिये जेपी समूह के भूखंडों की पेशकश की है (फोटो- पीटीआई).
सरकारी स्वामित्व वाली एनबीसीसी लिमिटेड (NBCC Ltd.) ने कर्ज में फंसी जेपी इंफ्राटेक के अधिग्रहण एवं करीब 20,000 फ्लैटों का निर्माण कार्य पूरा करने के लिए बुधवार को संशोधित बोली प्रस्तुत की. जेपी इंफ्राटेक के अंतरिम समाधान के लिये नियुक्त पेशेवर (आईआरपी) अनुज जैन ने शेयर बाजारों को जानकारी दी कि ऋणदाताओं की समिति की गुरुवार 26 अप्रैल को बैठक होनी है. इसके साथ ही जेपी के प्रोजेक्ट्स में फ्लैट की बुकिंग कराने वाले लोगों के लिए उम्मीद जगी है कि उन्हें जल्द ही उनका फ्लैट मिल जाएगा. ऋणदाताओं ने जेपी समूह की कंपनी के अधिग्रहण की दौड़ में शामिल एनबीसीसी और सुरक्षा समूह को अपनी बोली को और बेहतर करने को कहा था.
सुरक्षा समूह अपनी संशोधित बोली जमा कर चुकी है. हालांकि, एनबीसीसी और सुरक्षा समूह की संशोधित पेशकश की जानकारी तत्काल उपलब्ध नहीं हो सकी है. सूत्रों ने बताया कि कर्जदाता अब इच्छुक खरीदारों की संशोधित बोलियों पर विचार करेंगे. कर्ज संकट में फंसी जेपी इंफ्राटेक के कर्जदाताओं की समिति की बैठक 26 अप्रैल को होगी. बैठक में एनबीसीसी और सुरक्षा समूह की संशोधित बोली पर चर्चा की जाएगी.
एनबीसीसी तथा सुरक्षा समूह दोनों ने मौजूदा बोली में कर्ज भुगतान समाधान के लिये जेपी समूह के भूखंडों की पेशकश की है. इसके अलावा जेपी की यमुना एक्सप्रेसवे योजना के मौद्रीकरण की भी पेशकश की है. यह सड़क योजना उत्तर प्रदेश में नोएडा को आगरा से जोड़ती है. जेपी इंफ्राटेक को 32,691 फ्लैट देने हैं. इसमें से 4,889 इकाइयां ऋण शोधन कार्यवाही शुरू होने से पहले पूरी हो चुकी थी. वहीं 7,278 इकाइयां पिछले 18 महीने में पूरी हुई हैं. जबकि 20,524 फ्लैट अभी तैयार होने हैं.
(एजेंसी इनपुट के साथ)