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भले ही भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की तरफ से रेपो रेट (Repo Rate) में कोई बदलाव नहीं किया गया है, लेकिन कई बैंकों ने एफडी (FD) की ब्याज दरों को घटा दिया है. इनमें देश के कई बड़े बैंक शामिल हैं. ऐसे में उन लोगों के लिए यह अच्छी खबर नहीं है जो आने वाले दिनों में एफडी कराने की सोच रहे थे. हालांकि, जिन लोगों ने इस कटौती से पहले ही एफडी करा ली थी, उनके लिए राहत है. आज हम आपको ऐसे 4 बैंकों के बारे में बता रहे हैं, जिन्होंने पिछले दिनों में एफडी की ब्याज दरें घटाई हैं.
निजी क्षेत्र के एक्सिस बैंक की तरफ से 7 दिन से लेकर 10 साल तक की एफडी पर 3 फीसदी से लेकर 7.10 फीसदी तक का ब्याज दिया जाता है. इस बैंक ने 2 साल से लेकर 5 साल से कम तक की एफडी पर ब्याज दर में 10 बेसिस प्वाइंट की कटौती की है. वहीं 1 साल 5 दिन से लेकर 15 महीने तक की एफडी पर भी 10 बेसिस प्वाइंट की कटौती की है. इस कटौती के बाद नई दरें 6.80 फीसदी से 6.70 फीसदी के बीच हो गई हैं. नई दरें 15 सितंबर से प्रभावी हो गई हैं.
प्राइवेट सेक्टर के एचडीएफसी बैंक ने दो खास अवधियों के लिए एफडी की ब्याज दरें घटा दी हैं. यह दो अवधि 35 महीने और 55 महीने की हैं, जिन पर 5 बेसिस प्वाइंट की कटौटी की गई है. यह सिर्फ 2 करोड़ रुपये तक की एफडी के लिए हैं. नई दरें 1 अक्टूबर से ही लागू हो चुकी हैं. 35 महीने की एफडी पर पहले 7.20 फीसदी और 55 महीने की एफडी पर 7.25 फीसदी ब्याज मिलता है, जो अब 7.15 फीसदी और 7.20 फीसदी हो गया है.
इंडसइंड बैंक तरफ से एफडी पर ब्याज दरों में कटौती की गई है. यह कटौती 2 करोड़ रुपये से कम की एफडी के लिए हुई है. इस बैंक ने 1 साल 7 महीने से लेकर 2 साल तक की एफडी पर 25 बेसिस प्वाइंट की कटौती की है. इस कटौती के बाद नई दर 7.75 फीसदी से घटकर 7.50 फीसदी हो गई है.
यस बैंक की तरफ से 2 करोड़ रुपये से कम की एफडी पर ब्याज दरों में कटौती गई है. यह कटौती 1 साल से लेकर 18 महीने से कम तक की एफडी पर की गई है. पहले इस अवधि के लिए 7.50 फीसदी ब्याज मिलता था, लेकिन अब इसे घटाकर 7.25 फीसदी कर दिया गया है. बता दें कि यस बैंक की तरफ से ग्राहकों को एफडी पर 3.25 फीसदी से लेकर 7.50 फीसदी तक का ब्याज दिया जा रहा है.