RBI जल्‍द MSME के लिए लॉन्‍च करेगा पोर्टल; डिप्‍टी गवर्नर ने रूपी-रूबल बिलिंग पर दी ये अहम जानकारी 

RBI डिप्‍टी गवर्नर माइकल पात्रा ने कहा कि मौजूदा जियोपॉलिटिकल संकट अलग है. यह आर्थिक ग्रोथ को नुकसान पहुंचा रहा है. इस संकट के चलते विकासशील और अविकसित अर्थव्‍यवस्‍थाएं बेवजह प्रभावित हो रही हैं.
RBI जल्‍द MSME के लिए लॉन्‍च करेगा पोर्टल; डिप्‍टी गवर्नर ने रूपी-रूबल बिलिंग पर दी ये अहम जानकारी 

(Image: Reuters) 

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) का कहना है कि यह साल स्‍माल-मीडियम (MSME या SME) इंडस्‍ट्री के लिए है. RBI डिप्‍टी गवर्नर माइकल पात्रा ने कहा कि रिजर्व बैंक जल्‍द ही MSME के लिए एक पोर्टल लॉन्‍च करेगा. रिजर्व बैंक MSME के लिए पेमेंट सुविधा बेहतर बनाने का प्रयास कर रहा है, जिससे कि पेमेंट में देरी की समस्‍या से निजात मिल सके. डिप्‍टी गवर्नर ने कहा कि रिजर्व बैंक करेंसी में भारी उतार-चढ़ाव नहीं होने देगा और जरूरत पड़ने पर मार्केट में दखल देगा. उन्‍होंने कहा कि क्रेडिट ग्रोथ बढ़ाने और आसान करने के लिए बैंकों के साथ चर्चा पहले से शुरू की जा चुकी है.

रूपी-रूबल बिलिंग पर सरकार करेगी फैसला

जियोपॉलिटिकल टेंशन के बीच रूस की करेंसी रूबल में सीधे ट्रांजैक्‍शन के मसले पर डिप्‍टी गवर्नर पात्रा ने कहा कि भारतीय रुपये और रूसी करेंसी रूबल के बीच बिलिंग का फैसला सरकार को करना है. यह पर RBI की ओर से फैसला नहीं करना है. सरकार रूपी-रूबल बिल के लिए बातचीत कर रही है.

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डिप्‍टी गवर्नर ने कहा कि आरबीआई करेंसी में बहुत ज्‍यादा वॉलेटिलिटी और जर्की मूवमेंट नहीं होने देगा और जरूरत पर बाजार में दखल देगा. उन्‍होंने कहा कि भारतीय रुपया दुनिया में सबसे कम कमजोर होने वाली करेंसी है. रिजर्व बैंक रुपये की स्‍टैलिबिलिटी सुनिश्चित करेगा और वॉलेटिलिटी के खिलाफ रुपये को प्रोटेक्‍ट कर रहा है.

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जियोपॉलिटिक टेंशन से ग्रोथ को झटका

RBI डिप्‍टी गवर्नर माइकल पात्रा ने कहा कि मौजूदा जियोपॉलिटिकल संकट अलग है. यह आर्थिक ग्रोथ को नुकसान पहुंचा रहा है. इस संकट के चलते विकासशील और अविकसित अर्थव्‍यवस्‍थाएं बेवजह प्रभावित हो रही हैं. जियोपॉलिटिकल टेंशन के चलते खुदरा महंगाई में तेजी आई है.

डिप्‍टी गवर्नर ने कहा कि जॉब सेक्‍टर में एकतरफा रुख देखने को मिल रहा है. सर्विस सेक्‍टर के मुकाबले मैन्‍युफैक्‍चरिंग में ज्‍यादा जॉब हैं. फिर भी इस सेक्‍टर को लेकर चिंताएं बनी हुई हैं.

कम हो रहा है CAD

डिप्‍टी गवर्नर माइकल पात्रा ने कहा कि चालू खाता घाटा (CAD) धीरे-धीरे नीचे आ रहा है. पहली तिमाही में यह GDP का 1.5 फीसदी रहा. उन्‍होंने कहा कि भारत लो लेबर पॉर्टिसिपेशन रेट से गुजर रहा है. उन्‍होंने कहा कि इस साल सरकार के बारोइंग प्रोग्राम को आरबीआई प्रभावी तरीके से मैनेज करेगा.

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