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(Source: PTI)
PNB Cheque Rules: पंजाब नेशनल बैंक ने अपने कस्टमर्स को कहा है कि उन्हें बड़े चेक को क्लीयर कराने के कम से कम एक दिन पहले बैंक को इसकी जानकारी देनी होगी बैंक ने अपने ग्राहकों को चेक के क्लीयरेंस से जुड़ी धोखाधड़ी से बचाने के लिए यह सलाह जारी की है. PNB कस्टमर्स को चेकों के भुगतान से जुड़े पॉजिटिव पे सिस्टम (Positive Pay System) के तहत इन डीटेल्स को शेयर करना होगा.
पंजाब नेशनल बैंक (PNB) ने 10 लाख रुपये और उससे अधिक के चेक के लिए पॉजिटिव पे सिस्टम को अपने कस्टमर्स के लिए अनिवार्य कर दिया है.
एक रीलीज में बैंक ने कहा, "बैंक के गाइडलाइंस के मुताबिक, कस्टमर्स को एक वेरिफिकेशन प्रोसेस को आसान बनाने और चेक रिटर्न से बचने के लिए क्लीयरेंस से कम से कम एक वर्किंग डे पहले अपने चेक की डीटेल्स जमा करना जरूरी है."
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बैंक ने कहा कि उसने सभी शाखाओं, इंटरनेट बैंकिंग सेवाओं - रिटेल और कॉर्पोरेट - पीएनबी वन (PNB One) के साथ-साथ SMS बैंकिंग के माध्यम से PPS सुविधा को लाइव कर दिया है और अपने ग्राहकों को जारी किए गए चेक के आवश्यक विवरण जमा करके पीपीएस की सुविधा का लाभ उठाने के लिए कहा है.
नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने PPS विकसित किया है जिसके तहत एक उच्च मूल्य का चेक जारी करने वाले ग्राहक को कुछ आवश्यक विवरणों जैसे चेक नंबर, चेक राशि, तिथि और लाभार्थी के नाम की डीटेल्स शेयर करने की आवश्यकता होती है. भुगतान के लिए चेक प्रस्तुत करते समय इन विवरणों को क्रॉस-चेक किया जाता है.
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने 50,000 रुपये और उससे अधिक के चेक के लिए PPS की सुविधा प्रदान करने के लिए दिशानिर्देश जारी किए थे. सेंट्रल बैंक ने 5 लाख रुपये से उससे अधिक के चेक के लिए इसे अनिवार्य बनाने पर विचार करने को कहा है.
PNB ने RBI के गाइडलाइंस के फॉलो करते हुए जनवरी 2021 से 50,000 रुपये और उससे अधिक के चेक के लिए यह सुविधा उपलब्ध कराया है. फिर अप्रैल 2022 में 10 लाख रुपये और उससे अधिक के चेक के लिए इसे अनिवार्य कर दिया.