Rules Changing from 1st June: हर महीने की पहली तारीख में जेब से जुड़े कई बदलाव देखने को मिलते हैं. ऐसें में जून का महीना आ गया है, जिसके चलते आपको जान लेना चाहिए कि क्या नए बदलाव होने वाले हैं. इसमें भारतीय स्टेट बैंक, एक्सिस बैंक और इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक के ग्राहकों से लेकर कई नियमों में बदलाव होने जा रहा है.
1/5SBI ने अपने होम लोन एक्सटर्नल बेंचमार्क लेंडिंग रेट (EBLR) को 40 बेसिस प्वाइंट बढ़ाकर 7.05% कर दिया है, जबकि RLLR 6.65% प्लस CRP होगा. SBI की ऑफिशियल वेबसाइट के अनुसार, बढ़ी हुई ब्याज दरें 1 जून, 2022 से प्रभावी होंगी. इससे पहले ईबीएलआर 6.65% थी, जबकि रेपो-लिंक्ड लेंडिंग रेट (RLLR) 6.25% थी. एसबीआई की वेबसाइट के अनुसार, ईबीएलआर = ईबीआर + क्रेडिट रिस्क प्रीमियम (CRP).
2/5सड़क परिवाहन और राजमार्ग मंत्रालय के नोटिफिकेशन के मुताबिक, निजी कारों के लिए थर्ड पार्टी बीमा (Third Party Insurance) का सालाना रेट 2,072 रुपये से बढ़ाकर 2,094 रुपये कर दिया गया है. यह अधिकतम 1000 सीसी वाली कारों के लिए है. 1000 cc और 1500 cc के बीच इंजन क्षमता वाली निजी कारों के लिए थर्ड पार्टी इंश्योरेंस को 2019-20 में 3,221 रुपये से बढ़ाकर 3,416 रुपये कर दिया गया है. 1500 सीसी से अधिक इंजन क्षमता वाले बड़े निजी वाहनों का प्रीमियम 7,890 रुपये से घटाकर 7,897 रुपये किया जाएगा. इसी तरह, दोपहिया और इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए बीमा प्रीमियम महंगा होने जा रहा है.
3/5अर्ध-शहरी/ग्रामीण क्षेत्रों में आसान बचत और वेतन कार्यक्रमों के लिए औसत मासिक शेष राशि 15,000 रुपये से बढ़ाकर 25,000 रुपये या 1 लाख रुपये की सावधि जमा कर दी गई है. लिबर्टी सेविंग्स अकाउंट के लिए जरूरी बैलेंस को 15,000 रुपये से बढ़ाकर 25,000 रुपये या 25,000 रुपये कर दिया गया है. ये टैरिफ 1 जून 2022 से प्रभावी होंगे.
4/5हर महीने की पहली तारीख को गैस सिलेंडर के दामों में बदलाव किया जाता है. ऐसे में हो सकता है कि इसमें वृद्धि, कमी के अलावा यथास्थिति बनाए रखने की संभावना है.
5/5अगर आप गोल्ड खरीदने की प्लानिंग कर रहे हैं, तो आपको उसकी शुद्धता को जानने हक है. सरकार ने इसको लेकर हॉलमार्किंग का नया नियम बनाया है. हॉलमार्किंग कै दूसरा चरण 1 जून, 2022 से प्रभावी होगा, जिससे मौजूदा 256 जिलों और परख और हॉलमार्किंग केंद्रों (AHC) की तरफ से कवर किए गए 32 जिलों में केवल 14, 18, 20, 22, 23 और 24 कैरेट वजन के सोने के आभूषण और पुरावशेष ही बेचे जाएंगे. वहीं उन्हें अनिवार्य रूप से हॉलमार्किंग के साथ ही बेचा जाना चाहिए.