अगर आपका बैंक में सेविंग अकाउंट है तो जाहिर है आप बैंक की कई तरह की सर्विस भी लेते हैं. इसमें कैश लेन-देन, फंड ट्रांसफर, मिनिमम बैलेंस, एटीएम, डेबिट कार्ड के इस्तेमाल के लिए बैंक आपसे चार्ज वसूलते हैं. कुछ बैंक सर्विस पिछले साल चार्ज फ्री भी कर दिए हैं. अब NEFT और RTGS के जरिये फंड ट्रांसफर पर चार्ज नहीं देना होता है. यहां हम बैंक से जुड़े चार्ज पर चर्चा करते हैं.
1/6कई बैंक एक तय लिमिट के बाद कैश के लेन-देन पर चार्ज लगाते हैं. वैसे ज्यादातर मामलों में पहले कुछ कैश ट्रांजेक्शन फ्री होते हैं. आपका होम ब्रांच बेशक आपको कई फ्री ट्रांजेक्शन क बैंक ऐसे मामलों में बैंक आपसे 50 रुपये से लेकर 150 रुपये तक का चार्ज वसूलते हैं. (फोटो - रॉयटर्स)
2/6बेशक सरकार ने पिछले साल NEFT और RTGS के जरिये फंड ट्रांसफर पर चार्ज हटा दिया है, लेकिन आईएमपीएस (IMPS) पर अभी भी आपको चार्ज देना होता है. यह चार्ज ट्रांसफर किए जा रहे अमाउंट पर निर्भर करता है. यह चार्ज अमूमन 1 रुपये से 25 रुपये तक देना होता है.(फोटो - पीटीआई)
3/6सेविंग अकाउंट में कस्टमर्स को हर महीने या तिमाही औसतन मिनिमम बैलेंस बनाए रखना होता है. एसबीआई में अगर आपका सेविंग अकाउंट है और वह मेट्रो या शहरी क्षेत्र में आता है तो आपको औसतन हर महीने 3000 रुपये बैलेंस बनाए रखना होता है. इसी तरह सेमी अर्बन ब्रांच में 2000 रुपये और ग्रामीण क्षेत्र में 1000 रुपये मिनिमम बैलेंस रखना होता है. अगर यह मेंटेन नहीं रहता है तो आपको 5-15 रुपये का चार्ज देना होता है. कुछ बैंक 200-500 रुपये तक भी चार्ज करते हैं. (फोटो - रॉयटर्स)
4/6आरबीआई के मुताबिक, बैंक अपने कस्टमर से एटीएम से हर महीन पांच बार फ्री ट्रांजेक्शन के बाद चार्ज वसूलते हैं. तय लिमिट के बाद यह चार्ज 8 रुपये से 20 रुपये चार्ज देना होता है. ट्रांजेक्शन काउंट होने के अलग-अलग नियम या शर्तें होती हैं. (फोटो - पीटीआई)
5/6बैंक आपको एसएमएस सर्विस भी उपलब्ध कराते हैं. इस सर्विस से आप ट्रांजेक्शन को लेकर हमेशा अपडेट रहते हैं. किसी भी फ्रॉड या गलत ट्रांजेक्शन की आपको इससे तुरंत जानकारी मिल जाती है. बैंक इस सर्विस के बदले हर तिमाही करीब 15 रुपये एसएमएस अलर्ट चार्ज लेते हैं. (फोटो - रॉयटर्स)
6/6बैंक आपसे डॉक्यूमेंटेशन के लिए भी चार्ज ले सकते हैं. जैसे डुप्लीकेट पासबुक जारी करने या अकाउंट स्टेटमेंट जारी करने के बदले चार्ज लेते हैं. यह चार्ज 50-150 रुपये तक होते हैं. हालांकि यह बैंक के ऊपर निर्भर करता है. (फोटो - रॉयटर्स)