भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने इलाहाबाद बैंक, कॉरपोरेशन बैंक और धनलक्ष्मी बैंक को प्रॉम्ट करेक्टिव एक्शन (PCA) फ्रेमवर्क से हटा दिया है, और इसके साथ ही इन बैंकों को ऋण देने संबंधित गतिविधियों की अनुमति मिल गई है.
1/5बोर्ड फॉर फाइनेंशियल सुपरविजन बीएफएस की बैठक में पीसीए के तहत रखे गए बैंकों के प्रदर्शन की समीक्षा की गई और बोर्ड ने कहा कि सरकार ने विभिन्न बैंकों में ताजा पूंजी डाली है, जिनमें कुछ ऐसे भी बैंक शामिल हैं, जो पीसीए फ्रेमवर्क के तहत हैं.
2/5बैंकिंग सचिव राजीव कुमार ने ट्वीट किया, "पीएसबी में बदलाव का दौर जारी है! रणनीति के तहत इलाहाबाद और कॉर्पोरेशन बैंकों को पीसीए से बाहर निकाला गया है. दोनों बैंकों को स्वच्छ बैंकिंग के लिए बेहतर प्रदर्शन और बेहतर विवेकपूर्ण नियंत्रण बनाए रखने की जरूरत है."
3/5आरबीआई ने कहा कि दोनों बैंकों ने स्टॉक एक्सचेंज के समक्ष आवश्यक खुलासे भी किए हैं कि पूंजी डालने के बाद सीआरएआर, सीईटी1, नेट एनपीए और लीवरेज रेशियो पीसीए की सीमा का उल्लंघन नहीं करते हैं.
4/5बीएफएस ने कहा कि इलाहाबाद बैंक और कॉरपोरेशन बैंक को क्रमश: 6,896 करोड़ रुपये और 9,086 करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं.
5/5इससे इन बैंकों की पूंजी निधि बढ़ गई है और इनकी ऋण नुकसान प्रावधान भी बढ़ गए हैं, जिससे इनके पीसीए से निकलने का रास्ता साफ हो गया.