&format=webp&quality=medium)
नरेंद्र मोदी जब साल 2014 में पहली बार देश के प्रधानमंत्री बने तब उन्होंने देश के गरीब लोगों को बैंकिंग सुविधा से जोड़ने के लिए Jan Dhan Account योजना की शुरुआत की. देखते-देखते इस प्रोग्राम को 9 साल पूरे हो गए. जन धन अकाउंट की संख्या 50 करोड़ के आंकड़े को पार कर गया है. बैंकों की तरफ से दी गई जानकारी के मुताबिक, इन जनधन खातों में से 56 फीसदी खाते महिलाओं के हैं. कुल 67 फीसदी खाते ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में खोले गए हैं.
Jan Dhan Account में 2 लाख करोड़ रुपए से अधिक जमा किए गए हैं. अकाउंट होल्डर्स को लगभग 34 करोड़ रूपे कार्ड ( Rupay Debit Card) मुफ्त जारी किए गए हैं. आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि इन जन धन खातों में ऐवरेज बैलेंस 4076 रुपए हैं. 5.5 करोड़ से अधिक खातों को डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) का लाभ मिल रहा है.
Pradhan Mantri Jan Dhan Yojana के तहत अकाउंट होल्डर्स को कई सुविधाएं दी जाती हैं. इसमें जीरो बैलेंस अकाउंट खोला जाता है. RuPay debit कार्ड फ्री में मिलता है. 2 लाख रुपए का फ्री एक्सीडेंट इंश्योरेंस (Accidental insurance) मिलता है. अगर कोई बैंक अकाउंट 28 अगस्त 2018 से पहले खुला है तो उसे केवल 1 लाख रुपए का एक्सीडेंटल इंश्योरेंस मिलता है. इस अकाउंट पर 10 हजार रुपए के ओवरड्रॉफ्ट की सुविधा भी मिलती है.
वित्त राज्य मंत्री भगवत कराड ने लोकसभा में कहा था कि सरकार का फोकस देश के हर व्यक्ति और हर गांव को बैंकिंग सुविधा से जोड़ना है. सरकार का प्रयास है कि हर गांव के 5 किलोमीटर के दायरे में बैंकिंग की सुविधा उपलब्ध हो. बैंकिंग की यह सुविधा शेड्यूल कमर्शियल बैंक, बिजनेस करेसपोंडेंट, पोस्ट ऑफिस, ग्रामीण बैंक कुछ भी हो सकता है. सरकार ने कुल 6 लाख 1328 बसे हुए गांव की पहचान की है. इनमें से 99.63 फीसदी गांव बैंकिंग सुविधा से जुड़ चुके हैं.
Zee Business Hindi Live TV यहां देखें