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Credit Card Benefits: हम सभी जानते हैं कि अगर लोन लेने के लिए बेहतर सिबिल स्कोर की जरूरत होती है. सिबिल स्कोर जितना बेहतर होगा, लोन आपको उतनी आसानी से और बेहतर ब्याज दरों पर मिल जाएगा. लेकिन अगर आपका सिबिल स्कोर खराब है या फिर माइनस में है, तो बैंक से लोन लेने में थोड़ी मुश्किल हो सकती है. ऐसे में आपके क्रेडिट स्कोर को बेहतर करने में क्रेडिट कार्ड आपकी मदद कर सकता है.
तमाम लोग क्रेडिट कार्ड को फिजूल खर्च मानते हैं. लेकिन क्रेडिट कार्ड आपके लिए फायदे का सौदा है या नुकसान का, ये पूरी तरह से इस पर निर्भर करता है कि आप इसका इस्तेमाल कितनी समझदारी से करते हैं. आइए आपको बताते हैं कि क्रेडिट कार्ड किस तरह आपके लिए फायदेमंद हो सकता है.
क्रेडिट कार्ड का सबसे बड़ा फायदा है कि ये उस समय आपके काम आता है, जब आपके पास अकाउंट में पर्याप्त बैलेंस न हो. ऐसे में आप क्रेडिट कार्ड के जरिए पैसा खर्च करके अपनी जरूरत को पूरा कर सकते हैं. अच्छी बात ये है कि इसमें आपको खरीददारी और पेमेंट के बीच एक ग्रेस पीरियड मिलता है. इस पीरियड में बैंक की तरफ से किसी तरह का ब्याज नहीं लगाया जाता. यानी अगर आप ग्रेस पीरियड में खर्च की गई रकम लौटा देते हैं, तो आप सिर्फ मूल रकम वापस करते हैं, आपको लोन पर कोई ब्याज नहीं देना होता. ये ग्रेस पीरियड 18 दिनों से लेकर 55 दिन तक का भी हो सकता है.
क्रेडिट कार्ड का सही इस्तेमाल करके आप बेहतर क्रेडिट स्कोर तैयार कर सकते हैं. अगर आपका सिबिल स्कोर खराब है तो आप क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल कीजिए और कार्ड के बिल का पेमेंट समय पर करते रहिए. इससे आपका रिकॉर्ड बेहतर होगा और आपका क्रेडिट स्कोर भी सुधर जाएगा. वहीं अगर सिबिल स्कोर माइनस में है, तो क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करने से बैंकिंग सिस्टम में आपका कर्ज शुरू हो जाएगा. दो या तीन हफ्ते में आपका सिबिल स्कोर अपडेट हो जाएगा.
अगर आप क्रेडिट कार्ड यूजर हैं, तो तमाम तरह की खरीददारी सस्ते में कर सकते हैं. क्रेडिट कार्ड के इस्तेमाल पर आपको रिवार्ड पॉइंट्स, गिफ्ट कार्ड्स , वाउचर्स, डिस्काउंट, ऑफर्स और कैशबैक के फायदे मिलते हैं. इस तरह से कम दामों पर आपकी खरीददारी हो जाती है.
डेबिट कार्ड की तरह ही क्रेडिट कार्ड पर भी आपको इंश्योरेंस कवर दिया जाता है. इसमें ग्राहकों को आकस्मिक मृत्यु और स्थायी पूर्ण विकलांगता के लिए इंश्योरेंस की पेशकश की जाती है. हर बैंक के क्रेडिट कार्ड पर उसकी कैटेगरी के मुताबिक कवर दिया जाता है. ये 50 हजार से लेकर 10 लाख का भी हो सकता है. इसके लिए अलग से कोई प्रीमियम चुकाने की जरूरत नहीं पड़ती है.