2015 में देश के 11 बड़े कॉरपोरेट घरानों को पेमेंट बैंक के लाइसेंस मिले थे. जिन कंपनियों के पास पेमेंट कारोबार का अनुभव नहीं था उन्होंने लाइसेंस वापस लेने का फैसला किया.
कुल मिलाकर किसी भी पेमेंट बैंक की हालत ठीक नहीं है. माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में कुछ और पेमेंट बैंक बंद हो सकते हैं.