स्पाइसजेट एयरलाइंस की ओर से जानकारी दी गई है कि उसकी मालवाहक शाखा स्पाइसएक्सप्रेस को डीजीसीए (DGCA) से ड्रोन के ट्रायल की औपचारिक मंजूरी मिल मिल गई है. कंपनी की ओर से बताया गया है कि टेस्टिंग की मंजूरी मिलने के बाद एयरलाइन की योजना दूरदराज के इलाकों में जरूरी सामान को पहुंचाने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल करने की है. ऐसे में कंपनी आने वाले समय में आवश्यक सामान की डिलीवरी ड्रोन से करती हुई दिखाई दे सकती है.
1/5स्पाइसजेट ने कहा कि स्पाइसएक्सप्रेस की अगुआई वाले समूह ने इस संबंध में डीजीसीए को एक प्रस्ताव दिया था. इसी के आधार पर बीवीएलओएस प्रयोग मूल्यांकन और निगरानी समिति की सिफारिशों के आधार पर स्पाइसएक्सप्रेस को परीक्षण की अनुमति दी गई. कंपनी के मुताबिक सफल ट्रायल के बाद SpiceXpress ऐसी कंपनी होगी जो ड्रोन के जरिए बेहद कम खर्च में मेडिकल, फॉर्मा, ई कॉमर्स उत्पाद और आवश्यक वस्तुओं को बेहद कम समय तक ग्राहकों तक पहुंचा सकेगी. इससे ग्राहकों को भी ये बहुत तेज और सस्ती सेवा मिल सकेगी.
2/5स्पाइसजेट के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक अजय सिंह ने कहा कि तकनीक और नए प्रयोग पर स्पाइसजेट का हमेशा ध्यान रहा है. उन्होंने कहा कि ग्राहकों की बेहतर सुविधा और बेहतर लास्ट माइल कनेक्टिविटी के लिए ड्रोन तकनीक के जरिए सामान पहुंचाने की सुविधा काफी उपयोगी होगी. देश में उत्पादों को लोगों तक पहुंचाने को लेकर बड़ा बदलाव होगा. उन्होंने कहा कि कंपनी को इस प्रोजेक्ट से काफी उम्मीदें हैं.
3/5कंपनी फिलहाल ड्रोन के जरिए जल्द खराब होने वाले उत्पाद, मेडिकल उपकरण, दवाएं व अन्य आवश्यक वस्तुओं को पहुंचाने को लेकर तैयारी कर रही है. इस सुविधा को देश के कई हिस्सों में शुरू किया जा सकता है.
4/5कोरोना वायरस महामारी के चलते देश भर में लागू किए गए लॉकडाउन के बाद सरकार ने एक बार फिर 25 मार्च से घरेलू उड़ानों को शुरू कर दिया है. लेकिन एयरपोर्ट से यात्रा करने समय अब आपको कई नए नियमों का ध्यान रखना होगा. एयरपोर्ट पर जीरो टच सिक्योरिटी चेक और डिजिटल पेमेंट सहित कई नए नियम बनाए गए हैं.
5/5करीब दो महीने के बाद घरेलू फ्लाइटों को शुरू करने के लिए एयरपोर्ट पर खास तैयारियां की गई हैं. एयरपोर्ट पर अब नए नियमों के साथ सब कुछ बदला-बदला सा नजर आएगा. कोरोना संक्रमण से बचने के लिए एयरपोर्ट पर दो मीटर की दूरी और टचलेस सिस्टम को फॉलो किया जाएगा. यात्रियों को ई बोर्डिंग पास लेकर आना आना होगा. हवाई यात्रा के संबंध में राज्य सरकारों ने अपने-अपने राज्यों के लिए कुछ गाइडलाइंस भी जारी की हैं. यात्रियों के लिए इन गाइडलाइसं को ध्यान रखना जरूरी है.