हवाई यात्रा के दौरान अब आपको बोर्डिंग पास लेने के लिए लम्बी लाइन लगाने की जरूरत नहीं होगी. अब आपका चेहरा की बोर्डिंग पास होगा. बंगलुरू एयरपोर्ट पर DigiYatra national digital traveler system के तहत यह सुविधा शुरू की गई है. जल्द ही इस सुविधा को देश देश अन्य अन्य एयरपोर्ट पर भी शुरू किया जाएगा. सबसे पहले इस सुविधा को दिल्ली, मुंबई और हैदराबाद एयरपोर्ट पर शुरू किया जाएगा.
1/5बेंगलुरू में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर इस सुविधा को शुरू किया जाएगा. प्रोजेक्ट सफल रहने पर दिल्ली, मुंबई और हैदराबाद एयरपोर्ट पर इस सुविधा को शुरू किया जाएगा. इसके बाद वाराणसी, विजयवाड़ा, पुणे और कोलकाता एयरपोर्ट्स पर भी यह सुविधा मिलेगी.
2/5फेस रिकॉग्नाइजेशन तकनीक के आधार पर ये सिस्टम बॉयोमीट्रिक सॉफ्टवेयर पर काम करेगा. इसमें चेहरे के बॉयोमीट्रिक डिटेल के जरिए यात्रियों की पहचान होगी और वे एयरपोर्ट पर आराम से बिना बोर्डिंग पास के लिए लाइन लगाए यात्रा कर सकेंगे. यात्री को बार-बार बोर्डिंग पास, पासपोर्ट या अन्य पहचान प्रमाण पत्र नहीं दिखाने पड़ेंगे.
3/5एशियाई देशों में एयरपोर्ट पर फेस रिकॉग्नाइजेशन तकनीक इस्तेमाल करने वाला पहला देश चीन है. वहीं जर्मनी इस तकनीक का इस्तेमाल ट्रेन स्टेशन पर आतंकियों की पहचान के लिए कर रहा है.
4/5अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, संयुक्त अरब अमीरात, जापान, चीन, जर्मनी, रूस, आयरलैंड, स्कॉटलैंड, स्विट्जरलैंड, फ्रांस, न्यूजीलैंड, फिनलैंड, हांगकांग, नीदरलैंड, सिंगापुर, रोमानिया, कतर और पनामा में इस तकनीक का इस्तेमाल पहले से हो रहा है.
5/5भारतीय रेलवे उपक्रम IRCTC (भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम) ने अक्टूबर 2011 में सुविधा देते हुए कहा कि यात्रियों को अपने साथ काउंटर टिकट रखना जरूरी नहीं होगा. लोग मोबाइल पर एसएमएस या ई-टिकट के जरिए यात्रा कर सकेंगे.