अब ड्रोन से होगी वैक्सीन की डिलिवरी! नागर उड्डयन मंत्रालय ने दी ICMR और IIT Bombay को इजाजत

हालही में केंद्रीय नागर उड्डयन मंत्रालय ने तेलंगाना राज्य में एक समारोह के दौरान 'मेडिसिन फ्रॉम स्काई' ड्रोन सेवा भी शुरू की है.
अब ड्रोन से होगी वैक्सीन की डिलिवरी! नागर उड्डयन मंत्रालय ने दी ICMR और IIT Bombay को इजाजत

ड्रोन के इस्तेमाल कई हो सकते हैं. इसका इस्तेमाल अब जीवन रक्षा के लिए भी किया जाना शुरू हो चुका है. इस कड़ी में केंद्रीय नागर उड्डयन मंत्रालय और नागरिक उड्डयन महानिदेशालय ने ड्रोन से वैक्सीन डिलिवरी को मंजूरी प्रदान कर दी है.लिहाजा अब ड्रोन से मेडिसीन ही नहीं वैक्सीन की डिलिवरी के विकल्प खुल जाने से दुर्गम स्थलों तक भी सरकार के 'सब को वैक्सीनेशन' देने के मकसद को पाने में मदद मिलेगी.

इन दुर्गम राज्यों के लिए अनुमति

दरअसल नागरिक उड्डयन मंत्रालय (MoCA) और नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, बॉम्बे (IIT-B) को ड्रोन नियम, 2021 से सशर्त छूट दी है. ये प्रयोग अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, मणिपुर और नागालैंड में ड्रोन का उपयोग करके 3,000 मीटर की ऊंचाई तक प्रायोगिक तौर पर बियॉन्ड विजुअल लाइन ऑफ साइट (BVLOS) यानी ऐसे बिंदू के बाहर ड्रोन को उड़ाने की इजाजत जहां से वह दिखाई न दे, वैक्सीन वितरण करने के लिए ICMR को अनुमति दी गई है.

नियमों के अधीन इजाजत

जानकारी के मुताबिक भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, बॉम्बे यानी IIT बॉम्बे को अपने परिसर में ड्रोन के अनुसंधान, विकास और परीक्षण के लिए ड्रोन के उपयोग की इजाजत दी गई है. यह छूट एयरस्पेस क्लीयरेंस के नियमों और शर्तों के अधीन होगी जिसकी अवधि एक साल या अगले आदेश तक के लिए होगी. इससे जुड़े लिंक को मंत्रालय की वेबसाइट पर देखा जा सकता है.

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हालही में उड़ी है मेडिसीन ड्रोन

बता दें ड्रोन से वैक्सीन डिलिवरी की मंजूरी से पहले 11 सितंबर को केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने तेलंगाना में मेडिसिन फ्रॉम स्काई के ड्रोन प्रोजेक्ट को हरी झंडी दिखाई थी. इससे पहले 25 अगस्त 2021 को, नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने ड्रोन संचालन में सुरक्षा और सुरक्षा विचारों को संतुलित करते हुए सुपर-नॉर्मल ग्रोथ के युग की शुरुआत करने के लिए उदार ड्रोन नियम, 2021 को अधिसूचित किया था.

आसान बनाई गई है ड्रोन पॉलिसी

नई ड्रोन नीति के अनुसार, अब ड्रोन के लिए कई तरह की जरूरी मंजूरी लेने की जरूरत नहीं पड़ती है. इन परमिशन्स में यूनीक ऑथोराइजेशन नंबर, यूनीक प्रोटोटाइप आईडी, सहमति प्रमाणपत्र, रखरखाव प्रमाणपत्र, ऑपरेटर परमिट, अनुसंधान एवं विकास संस्थान की स्वीकृति, प्रशिक्षु के लिए रिमोट पायलट लाइसेंस, रिमोट पायलट इंस्ट्रक्टर की स्वीकृति, ड्रोन के पार्ट्स को इम्पोर्ट करने के लिए अप्रूवल शामिल हैं.

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