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करगिल युद्ध के दौरान गुंजन सक्सेना ने एयरफोर्स का प्लेन को उड़ाया था. (फोटो: @karanjohar)
उसे बचपन से ही बताया गया था कि लड़कियां पायलट नहीं बनती. लेकिन, उसने अपने लिए जमीन तैयार की, वो उड़ना चाहती थी. ऐसी ही कहानी है 'द करगिल गर्ल' गुंजन सक्सेना की. गुंजन सक्सेना एयरफोर्स की पहली महिला पायलट बनीं, जिन्होंने युद्ध के वक्त अपना परक्रम दिखाया. अब उन पर बायोपिक बन रही है. गुंजन सक्सेना का पहला लुक भी जारी हो गया है.
बायोपिक का फर्स्ट लुक जारी
करगिल युद्ध के दौरान गुंजन सक्सेना ने एयरफोर्स का प्लेन को उड़ाया था. गुंजन को सबसे अहम युद्ध क्षेत्र में पाकिस्तानी पोजिशंस पर निगाह रखने की जिम्मेदारी सौंपी गई. अब गुंजन सक्सेना पर बन रही बायोपिक का फर्स्ट लुक जारी हुआ है. एक्ट्रेस जाह्नवी कपूर इसमें गुंजन सक्सेना का किरदार निभा रही हैं. लेकिन, क्या आपने भी पायलट बनने का सपना देखा है?
अगर आप पायलट बनाना चाहते हैं तो आपके पास कौन कौन से विकल्प हैं. अगर आप कॉमर्शियल पायलट बनते हैं तो आपको आखिर कितनी सैलरी मिलती है.

5 तरीकों से पायलट बना जा सकता है...
भारत में पायलट बनने के अलग-अलग 5 रास्ते हैं. इसमें सेना की एनडीए और सीडीएस की बेहद कठिन परीक्षा पास करने से लेकर कॉमर्शियल पायलट के लिए 40 से 50 लाख रुपए की महंगी ट्रेनिंग के ऑप्शन मौजूद हैं. हालांकि, अगर आप कम पैसों में पायलट बनाना चाहते हैं तो आपको सेना से जुड़ी कठिन परीक्षा पास करनी होगी.
नंबर-1: एयरफोर्स में आप फाइटर, हेलिकॉप्टर और ट्रांसपोर्ट पायलट बनते हैं. एयरफोर्स में पायलट बनने के लिए इन एग्जाम्स को पास करना होगा.
नंबर-2: इंडियन नेवी इसके तहत आप भी नेवी की फाइटर ब्रांच में फाइटर, हेलीकॉप्टर और ट्रांसपोर्ट पायलट बनते हैं. नेवी में पायलट बनने के लिए इन एग्जाम्स को पास करना होगा.
नंबर-3: इंडियन आर्मी में आप आर्मी की एविएशन कॉर्प के तहत हेलीकॉप्टर पायलट बनते हैं. आर्मी के पायलट बनने के लिए इन एग्जाम्स को पास करना होगा.
नंबर-4: इंडियन कोस्टगार्ड में आप हेलीकॉप्टर और ट्रासपोर्ट पायलट बन सकते हैं. कोस्ट गार्ड के पायलट बनने के लिए इस एग्जाम को पास करना होगा.
नंबर-5: कॉमर्शियल पायलट या सिविल एविएशन में पायलट बनने के लिए देश भर में मौजूद सिविल एविशन इंस्टीट्यूट्स में एडमीशन लेना होगा. एक कॉमर्शियल पायलट की फुल ट्रेनिंग के लिए करीब 40 से 50 लाख रुपए का खर्च आता है. इसके तहत कई स्टेप्स में ट्रेनिंग लेनी पड़ती है. इसके तहत सबसे पहले आपको CPL (कॉमर्शियल पायलट लाइसेंस) की ट्रेनिंग मिलती है. इसके बाद FROZEN ATPL और फिर ATPL की ट्रेनिंग मिलती है. CPL लेवल की स्क्लि पर एविएशन कंपनियां आपको रिक्रूट नहीं करेंगी. आपके ATPL ट्रेनिंग जरूरी है. यहां ATPL से मतलब एयरलाइंस ट्रांसपोर्ट पायलट लाइसेंस है.
कॉमर्शियल पायलट बनना चाहते हैं तो इन इंस्टीट्यूट में एडमीशन ले सकते हैं.
कितनी मिलती है सैलरी
आर्मी, नेवी या कोस्टगार्ड में सैलरी रैंक के हिसाब से मिलती है जो अगल-अलग हो सकती है. वहीं, कॉमर्शियल पायलट को 1.5 लाख रुपए की एवरेज सैलरी मिलती है. हाल में एयर इंडिया में निकाली गई को-पायलट की वैकेंसी में कंपनी ने 2.1 लाख रुपए महीने की सैलरी मेंशन की थी.