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Mercedes Benz New Electric Vehicle: जर्मन लग्जरी कारमेकर कंपनी Mercedes Benz अगले 8-12 महीने में 4 नए इलेक्ट्रिक व्हीकल (Electric Vehicle) लेकर आने वाली है. देश में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी ड्राइव को समर्थन देने के लिए कंपनी इस साल के अंत तक 4 नए इलेक्ट्रिक व्हीकल लेकर लॉन्च करने वाली है. साल 2027 तक होने वाली आय में से कुल 25 फीसदी रेवेन्यू कंपनी इलेक्ट्रिक व्हीकल्स की सेल्स के जरिए कमाने की उम्मीद कर रही है. Mercedes-Benz AG के हेड रिजन ओवरसीज Matthias Luehrs का कहना है कि भारतीय बाजार में हमारे इलेक्ट्रिक व्हीकल के विकास के साथ हम खुश हैं. कंपनी के मौजूदा इलेक्ट्रिक व्हीकल में EQS और EQB शामिल हैं. उन्होंने आगे कहा कि इसके अलावा 4 और नए इलेक्ट्रिक व्हीकल आने की संभावना है.
मौजूदा समय में Mercedes Benz के 4 मॉडल भारतीय बाजार में हैं, इनमें EQS, EQB, EQC और EQS AMG शामिल हैं. Luehrs ने भारत में EV पोर्टफोलियो से होने वाली सेल्स के बारे में बताते हुए कहा कि अगले 4 साल में हम इलेक्ट्रिक व्हीकल की सेल्स से 25 फीसदी रेवेन्यू जनरेट कर सकते हैं.
मौजूदा समय में भारत में कंपनी की कुल सेल्स में इलेक्ट्रिक व्हीकल की सेल का हिस्सा 3 फीसदी है. पिछले साल Mercedes-Benz इंडिया ने 41 फीसदी की ग्रोथ देखी थी और 15822 यूनिट्स को बेचा था. जबकि इसके एक साल पहले कंपनी ने 11242 यूनिट्स को बेचा था, बल्कि साल 2018 में कंपनी ने 15583 यूनिट्स को बेचा था.
भारत में कंपनी के 4 नए इलेक्ट्रिक व्हीकल कबतक लॉन्च हो सकते हैं, इस सवाल पर Mercedes-Benz India के मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO संतोष अय्यैर ने कहा कि अगले 8-12 महीने में कंपनी अपने 4 नए इलेक्ट्रिक व्हीकल को लॉन्च कर सकती है.
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भारत में इलेक्ट्रिक व्हीकल के बिजनेस को देखते हुए Luehrs ने कहा कि मौजूदा समय में, ओवरसीज रिजन में भारत पांचवां सबसे बड़ा मार्केट है. इसके अलावा जर्मनी, अमेरिका, इंग्लैंड और चीन भी Mercedes-Benz के मार्केट हैं और साउथ कोरिया, जापान, ऑस्ट्रेलिया और तुर्की ओवरसीज मार्केट में कंपनी की रैंकिंग में भारत से आगे हैं.
मौजूदा समय में, कंपनी की टॉप एंड सेडान एस क्लास खरीदार की औसतन आयु 38 साल है और सी क्लास मॉडल के लिए औसतन आयु 35 साल है. 10 साल पहले ये आयु 10 साल और छोटी थी. इसके अलावा 15 फीसदी महिला खरीदारों की हिस्सेदारी भी देखने को मिल रही है. इसके अलावा उन्होंने आगे कहा कि भारत में लोग नई टेक्नोलॉजी को बहुत जल्द अपना लेते हैं.
कंपनी के हेड रिजन ओवरसीज Matthias Luehrs ने कहा कि ये स्पष्ट है कि जिस देश में टैक्स कम होगा, वहां ज्यादा कारें बिकेंगी. ऐसा अमेरिका में होता है. इसके अलावा यूरोप और चीन में हमारी कार ज्यादा बिकती हैं.