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हर साल 6 अक्टूबर को विश्व सेरेब्रल पाल्सी दिवस (World Cerebral Palsy Day) मनाया जाता है. इस बीमारी को सीपी के नाम से भी जाना जाता है. ये एक गंभीर न्यूरोलॉजिकल डिजीज है जो जन्म से ही बच्चों में देखने को मिलती है. इस बीमारी को विकलांगता की श्रेणी में रखा गया है. इससे पीड़ित बच्चे के ब्रेन का विकास आम बच्चों की तुलना में कम होता है. इसके कारण उनका ब्रेन फंक्शन प्रभावित होता है. ब्रेन के जिस हिस्से पर इसका असर होता है, उस हिस्से से संबन्धित अंग भी इसके कारण प्रभावित हो जाते हैं. ऐसे में मरीज का शारीरिक संतुलन भी ठीक से नहीं हो पाता. इस बीमारी के प्रति लोगों को जागरुक करने के लिए हर साल 6 अक्टूबर को विश्व ब दिवस मनाया जाता है. जानिए इस बीमारी के बारे में.
बच्चे को सेरेब्रल पाल्सी की समस्या प्रेगनेंसी के दौरान भी हो सकती है और प्रेगनेंसी के बाद भी. जो बच्चे समय से पहले जन्म लेते हैं या जो बहुत ज्यादा कमजोर होते हैं, उनमें ये समस्या होने की आशंका ज्यादा होती है. ये हैं सीपी के संभावित कारण-
मसल्स में स्टिफनेस, मांसपेशियों का बहुत कमजोर होना, चलने, उठने-बैठने और बात करने में परेशानी, शरीर के एक तरफ का हिस्सा ही काम करता है, कुछ चबाने-निगलने में परेशानी, शरीर का ठीक से विकास न हो पाना, कुछ बच्चों को सुनने में भी दिक्कत का सामना करना पड़ सकता है. आमतौर पर इस बीमारी के लक्षण जन्म के बाद पहले वर्ष में दिखाई देते हैं. जैसे ही आपको बच्चे में इस तरह के कोई भी लक्षण नजर आएं, बिना देर किए विशेषज्ञ को दिखाएं. इलाज में जितनी देर होगी, सही होने में भी उतना ही समय लगेगा.
माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ सत्या नडेला के बेटे को भी जन्म से ही सेरेब्रल पाल्सी की समस्या थी. वे हमेशा व्हील चेयर पर रहते थे. साल 2022 में 26 साल की उम्र में उनके बेटे की मौत हो गई थी. नडेला ने ईमेल से इस बीमारी की जानकारी को साझा किया था.
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