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इलेक्ट्रॉनिक सामान स्टार रेटिंग देखकर खरीदते हैं, लेकिन क्या ये पता है कि ये रेटिंग मिलती कैसे है?
टीवी, फ्रिज और AC वगैरह आज के समय में वो जरूरत बन चुकी हैं जिनके बगैर किसी का भी काम नहीं चलता है. आप जब भी इन्हें खरीदने के लिए जाते हैं तो इनकी स्टार रेटिंग जरूर देखते होंगे. ऐसा कहा जाता है कि स्टार रेटिंग 1 से लेकर 5 तक होती है. माना जाता है कि रेटिंग जितनी अच्छी है, इलेक्ट्रॉनिक सामान से होने वाली बिजली की खपत भी उतनी कम होगी.
उदाहरण से समझते हैं- मान लीजिए किसी प्रोडक्ट की स्टार रेटिंग 5 है और किसी की 2, तो ऐसे में 5 रेटिंग वाला इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्ट बिजली की खपत कम लेगा. इस तरह स्टार रेटिंग का सीधा ताल्लुक आपकी जेब से होता है. लेकिन आपने कभी ये सोचा है कि किसी भी प्रोडक्ट को ये रेटिंग कैसे मिलती है? आइए आपको बताते हैं-
किसी भी इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्ट पर रेटिंग देने का काम ब्यूरो ऑफ एनर्जी एफिसिएंसी (Bureau of Energy Efficiency- BEE) की ओर से किया जाता है. इतना ही नहीं, BEE की ओर से इस रेटिंग को हर साल अपडेट भी किया जाता है. स्टार रेटिंग से अंदाजा लगाया जाता है कि जिस प्रोडक्ट को आप खरीद रहे हैं, वो कितनी बिजली की खपत करेगा. आमतौर पर 5 स्टार रेटिंग वाला प्रोडक्ट थोड़ा महंगा होता है क्योंकि ये माना जाता है कि ये बिजली की खपत कम करेगा.
इलेक्ट्रॉनिक आइटम बनाने वाली कंपनियां हर साल तकनीक को सुधार करती हैं ताकि उनके प्रोडक्ट को और भी बेहतर बनाया जा सके और उनके बिजली की खपत को भी कम से कम किया जा सके. यही वजह है कि एक ही कंपनी का कोई प्रोडक्ट एक साल पुराने प्रोडक्ट से ज्यादा बेहतर हो जाता है. ऐसे में BEE हर साल प्रोडक्ट की रेटिंग को अपडेट करती है.
आजकल हर चीज में फ्रॉड के मामले आ रहे हैं, इसलिए कस्टमर्स रेटिंग को लेकर भी कन्फ्यूजन में रहते हैं कि ये असली है भी या नहीं. अगर आप भी कोई इलेक्ट्रॉनिक सामान लेने जा रहे हैं, तो रेटिंग की जांच करने के लिए अपने स्मार्टफोन में BEE की आधिकारिक ऐप डाउनलोड कर लें. इस ऐप में आपको हर तरह के प्रोडक्ट की कैटेगरी दिख जाएगी. इसमें जब आप अपने पसंद का प्रोडक्ट चुनेंगे तो उसमें सभी कंपनियों की रेटिंग दिख जाएगी. इसके बाद आप जो प्रोडक्ट खरीद रहे हैं, उसे इसमें सर्च करके प्रोडक्ट की रेटिंग को जांच सकते हैं.
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