तेजस के घातक वर्जन के लिए सरकार ने मंजूर किए नौ हजार करोड़ रुपए, 83 विमानों के लिए 36,468 करोड़ रुपए का दिया ऑर्डर

पीएम नरेंद्र मोदी ने रक्षा क्षेत्र के सार्वजनिक उपक्रम हिंदुस्तान एयरोनॉटिकल लिमेटेड का दौरा किया है. इस दौरान पीएम मोदी ने तेजस विमान से उड़ान भरी थी. जानिए तेजस से जुड़ी कुछ दिलचस्प बातें.
तेजस के घातक वर्जन के लिए सरकार ने मंजूर किए नौ हजार करोड़ रुपए, 83 विमानों के लिए 36,468 करोड़ रुपए का दिया ऑर्डर

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के तहत हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड को 83 एलसीए एमके 1ए तेजस विमानों की आपूर्ति के लिए 36,468 करोड़ रुपये का ऑर्डर दिया गया है. प्रधानमंत्री मोदी ने रक्षा क्षेत्र के सार्वजनिक उपक्रम (पीएसयू) का दौरा किया और लड़ाकू विमान में उड़ान भरी है. तेजस का नामकरण पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी ने किया था. वहीं, इस विमान को खरीदने के लिए अमेरिका, इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और फिलीपींस समेत छह देशों ने इस विमान पर दिलचस्पी दिखाई है.

फरवरी 2024 तक शुरू हो सकती है विमान की आपूर्ति, 2016 में किया था वायुसेना में शामिल

अधिकारियों ने बताया कि तेजस विमानों की आपूर्ति फरवरी 2024 तक शुरू होनी निर्धारित है. उन्होंने कहा कि सरकार ने भारत की रक्षा तैयारियों और स्वदेशीकरण को बढ़ाने के लिए बड़े कदम उठाए हैं, जिसमें तेजस लड़ाकू विमान भी शामिल है. उन्होंने कहा कि विमान का पहला संस्करण 2016 में भारतीय वायुसेना में शामिल किया गया था और वर्तमान में, वायुसेना की दो स्क्वाड्रन एलसीए तेजस के साथ पूरी तरह से परिचालन में हैं.

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LCA MK2 के लिए 9000 करोड़ रुपए की दी गई है मंजूरी, तेजस का घातक वर्जन

अधिकारियों ने कहा कि एलसीए एमके 2 के विकास के लिए नौ हजार करोड़ रुपये से अधिक की मंजूरी दी गई है, जो एलसीए तेजस का नया एवं अधिक घातक वर्जन है. उन्होंने कहा कि जून 2023 में पीएम नरेंद्र मोदी की अमेरिका यात्रा के दौरान भारत में जीई इंजन के निर्माण के लिए प्रौद्योगिकी हस्तांतरण पर अमेरिकी कंपनी के साथ बातचीत की गई थी. अधिकारियों ने कहा कि इसका उद्देश्य विमान के इंजन सहित स्वदेशीकरण को और बढ़ावा देना है.

1.6 मैक की स्पीड से उड़ता है तेजस विमान,50 फीसदी कलपुर्जे स्वदेशी

तेजस विमान 1.6 मैक की स्पीड से उड़ान भरता है. इसकी खासियत की बात करें तो ये काफी हल्का है. इसका वजन 6,560 किलोग्राम है. इसके 50 फीसदी कलपुर्जे स्वदेशी है. इस विमा को एल्युमीनियम, लीथियम एलॉय, कर्बन फाइबर कंपोजिट्स और टाइटेनियम एलॉय स्टील से बनाया है. विमान की खासियत है कि दुर्गम इलाके में भी लैंडिंग और टेक ऑफ काफी आसानी से हो जाती है. लैंडिंग और टेक ऑफ के लिए कम जगह की जरूरत होती है. इससे हथियार ले जाना आसान है.

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