इस कंपनी की सलाह पर लगा रहे थे बाजार में पैसा तो हो जाएं सावधान! SEBI ने लगाया 3 साल का बैन और जुर्माना

SEBI Penalty: सिक्योरिटी एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) ने रेगुलेटरी नियमों का उल्लंघन करने के आरोप में कंपनी और इसके डायरेक्टर्स पर 28 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है.
इस कंपनी की सलाह पर लगा रहे थे बाजार में पैसा तो हो जाएं सावधान! SEBI ने लगाया 3 साल का बैन और जुर्माना

SEBI Penalty: कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी ने Pinnacle Market Investment Advisory (PMIA) और इसके डायरेक्टर्स पर 28 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है. सेबी यानी कि सिक्योरिटी एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) ने रेगुलेटरी नियमों का उल्लंघन करने के आरोप में कंपनी और इसके डायरेक्टर्स पर 28 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है. बता दें कि Pinnacle Market Investment Advisory (PMIA) एक सेबी रजिस्टर्ड इन्वेस्टमेंट एडवाइजरी (IA) है और इसके डायरेक्टर्स अभिषेक पटेल, शेखर मिश्रा और पारुल साहू है. सेबी ने कंपनी पर 13 लाख रुपए और इसके डायरेक्टर्स पर 5-5 लाख रुपए का जुर्माना ठोका है.

30 दिनों में रिफंड का निपटारा

इसके अलावा सेबी ने ये भी आदेश दिया है कि SCORES के तहत कंपनी के खिलाफ जितनी भी शिकायतें हैं, कंपनी और इसके डायरेक्टर्स इन शिकायतों का समाधान करे. सेबी ने अपने आदेश में बताया कि ये समाधान अगले 7 दिन में करना है और 30 दिनों में पेंडिंग रिफंड्स को सेटल करना है.

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3 साल के लिए लगाया बैन

इसके अलावा मार्केट रेगुलेटर सेबी ने कंपनी और इसके डायरेक्टर्स को सिक्योरिटी मार्केट से हटा दिया है और किसी भी तरह का कोई प्रॉसपैक्टस, ऑफर डॉक्यूमेंट या सॉलिसिट मनी जारी करने पर भी बैन लगा दिया है. सेबी ने कंपनी और इसके डायरेक्टर्स पर अगले 3 साल के लिए बैन लगा दिया है.

इसके अलावा रेगुलेटर ने PMIA और इसके डायरेक्टर्स को उनकी संपत्ति, प्रॉपर्टी, म्यूचुअल फंड्स (जो उनके डीमैट अकाउंट और फिजिकल फॉर्म में उपलब्ध हैं) को बेचने से रोका है. हालांकि इन सभी प्रॉपर्टीज को रिफंड्स देने के लिए बेचा जा सकता है, इसके अलावा किसी और काम के लिए नहीं बेचा जा सकता.

SEBI को मिली थी शिकायतें

बता दें कि सेबी को कंपनी के खिलाफ कई शिकायतें मिली थीं. इसके बाद सेबी ने शिकायतों से मिली जानकारी और डॉक्यूमेंट्स के आधार पर कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की. जांच में सेबी ने पाया कि कंपनी और इसके डायरेक्टर्स को रेगुलेटर को पारुल शाह के अप्वाइंटमेंट के बारे में जानकारी देनी चाहिए थी. ये एक तरह से मैटेरियल सूचना थी और इसकी जानकारी देनी चाहिए. इसलिए ये IA नियमों का उल्लंघन है.

इसके अलावा सेबी ने पाया कि कंपनी और इसके डायरेक्टर्स ने अपने क्लाइंट्स को मल्टीपल प्रोडक्ट्स बेचे, जो क्लाइंट के रिस्क प्रोफाइल से मैच नहीं खाते और अपने ग्राहकों से ज्यादा पैसा वसूल किया, जो PFUTP (Prohibition of Fraudulent and Unfair Trade Practices) के नियमों का उल्लंघन है.

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