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म्यूचुअल फंड-नॉमिनेशन जरूरी
Money Guru: म्यूचुअल फंड (mutual funds) में इन्वेस्ट करते समय नॉमिनी (Nominee) का रोल अहम माना जाता रहा है. लेकिन पूंजी बाजार नियामक सेबी (SEBI) के नए रूल के तहत अब एक अगस्त से म्यूचुअल फंड में निवेश करने वाले नए निवेशकों को नॉमिनेशन फॉर्म देना जरूरी होगा. नॉमिनी नियुक्त होने का मतलब है कि अगर किसी स्थिति में निवेशक की मौत हो जाती है तो निवेशक की मौत होने के बाद पूरा पैसा नॉमिनी को दे दिया जाएगा.
सेबी का MF नॉमिनेशन को लेकर नया नियम
1 अगस्त 2022 से नॉमिनेशन फॉर्म देना जरूरी
नए निवेशकों के लिए ऑप्ट आउट डेक्लेरेशन फार्म भी
किसी को नॉमिनी न बनाना चाहे,इसका भी विकल्प
फिजिकल फॉर्म से अप्लाई करने पर, दस्तखत जरूरी
ऑनलाइन निवेश करने पर, ई-साइन का विकल्प
31 मार्च 2023 तक नॉमिनेशन प्रक्रिया पूरा करना जरूरी
नॉमिनेशन प्रक्रिया पूरा न होने पर, फ्रीज होगा खाता
ज्वाइंट होल्डर होने पर भी,नॉमिनेशन जरूरी
संपत्ति के मालिक की मृत्यु के बाद नॉमिनी का असली रोल
नॉमिनी न होने की स्थिति में पैसे मिलना मुश्किल
पैसे लंबे समय तक अटके रह सकते हैं
कानूनी दांवपेच में लंबा समय निकल जाता है
नॉमिनी के रहने पर प्रक्रिया आसान हो जाती है
एक से ज्यादा नॉमिनी बना सकते हैं
चाहें तो उनके लिए शेयर्स भी बांट सकते हैं
नॉमिनी में बराबर हिस्सा भी बांट सकते हैं
एक नॉमिनी को ज्यादा हिस्सा देना है तो फॉर्म में लिखें
म्यूचुअल फंड एप्लिकेशन फॉर्म में नॉमिनी का ब्योरा
जिसे नॉमिनी बनाना है, फॉर्म में उसकी जानकारी दें
सिंगल, ज्वाइंट यूनिट होल्डर नॉमिनी रख सकते हैं
सिंगल यूनिट होल्डर की मृत्यु पर, नॉमिनी को बेनेफिट
एक ज्वाइंट होल्डर की मृत्यु, दूसरे होल्डर को बेनेफिट
दोनों यूनिट होल्डर की मृत्यु पर ही, नॉमिनी को बेनेफिट
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मौजूदा निवेश में नॉमिनी जोड़ सकते हैं
फॉर्म भरकर मौजूदा आसानी से नॉमिनी जोड़ सकते हैं
नॉमिनी का ब्योरा भरकर, AMC को दें
नॉमिनी को कभी भी बदल भी सकते हैं
नॉमिनी MF यूनिट ट्रांसफर के लिए फॉर्म T3 भरें
यूनिट होल्डर की डेथ सर्टिफिकेट की अटेस्टेड कॉपी जरूरी
नॉमिनी नाबालिग तो बर्थ सर्टिफिकेट, PAN,KYC दस्तावेज
नॉमिनी के नाम कैंसिल चेक, बैंक स्टेटमेंट या पासबुक
ट्रांसमिशन रकम 2 लाख तक तो बैंक मैनेजर से अटेस्ट कराएं
ट्रांसमिशन रकम 2 लाख से ऊपर,नोटरी पब्लिक से अटेस्ट कराएं