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Market Next Week: इस सप्ताह घरेलू इक्विटी निवेशकों की वैश्विक संकेतों पर कड़ी नजर रहेगी. मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक खासतौर से अमेरिका स्थित सिलिकॉन वैली बैंक (Silicon Valley Bank) की विफलता, मुद्रास्फीति (Inflation) के रुझान और विदेशी निवेशकों के रुख से बाजार प्रभावित होगा. बीते हफ्ते प्रमुख शेयर सूचकांक सेंसेक्स (Sensex) में 1% से अधिक की गिरावट देखी गई और विश्लेषकों का मानना है कि निवेशक फरवरी के लिए कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स पर आधारित मुद्रास्फीति के आंकड़ों का इंतजार करेंगे, जो सोमवार को जारी होंगे.
स्वास्तिका इंवेस्टमार्ट लिमिटेड के शोध प्रमुख संतोष मीणा ने कहा, भारतीय इक्विटी बाजारों में कमजोरी के लिए खराब वैश्विक संकेतों का प्रमुख योगदान था और इसका असर अगले हफ्ते भी बना रहेगा. टेक्नोलॉजी सेक्टर में स्टार्टअप के वित्त पोषण के लिए एक प्रमुख स्रोत सिलिकॉन वैली बैंक की विफलता ने वैश्विक वित्तीय प्रणाली की मजबूती को लेकर चिंताओं को जन्म दिया है.
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जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के रिसर्च हेड विनोद नायर ने कहा, अमेरिकी फेडरल रिजर्व (US Federal Reserve) के प्रमुख की टिप्पणी के बाद वैश्विक बाजार फिर से अनिश्चितता की चपेट में आ गया है, जिन्होंने ब्याज दर में लंबे समय तक और तेज बढ़ोतरी की संभावना का संकेत दिया है.
कमजोर वैश्विक संकेतों और विदेशी संस्थागत निवेशकों द्वारा बिकवाली के बीच शुक्रवार को बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 671.15 अंक या 1.12% गिरकर 59,135.13 अंक पर बंद हुआ. सेंसेक्स 10 मार्च को समाप्त सप्ताह के दौरान कुल 1.12% या 673.84 अंक गिरा.
विदेशी निवेशकों ने इस महीने अब तक भारतीय शेयर बाजार में 13,500 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया है. डिपॉजिटरी के आंकड़ों से यह जानकारी मिली है. इससे पहले तक फॉरेन पार्टफोलियो इन्वेस्टर्स (FPI) भारतीय शेयर बाजारों से निकासी कर रहे थे. फरवरी में उन्होंने 5,294 करोड़ रुपये की और जनवरी में 28,852 करोड़ रुपये की शुद्ध निकासी की थी. इससे पहले, दिसंबर में एफपीआई ने शेयरों में 11,119 करोड़ रुपये का नेट निवेश किया था.
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(भाषा इनपुट के साथ)