FPI: विदेशी निवेशकों का भारतीय बाजार पर भरोसा बरकरार, दिसंबर में अब तक किया इतने करोड़ निवेश

डिपॉजिटरी के आंकड़ों के मुताबिक, फॉरेन पोर्टफोलियो इन्वेस्टर्स (FPI) ने भारतीय इक्विटी बाजारों में 1 से 23 दिसंबर 2022 के दौरान करीब 11,557 करोड़ रुपये का निवेश किया है.
FPI: विदेशी निवेशकों का भारतीय बाजार पर भरोसा बरकरार, दिसंबर में अब तक किया इतने करोड़ निवेश

इन फैक्टर्स से तय होगी बाजार की चाल. (File Photo)

Stock Market: मंदी की आहट और चीन सहित दुनिया के कई देशों में बढ़ते कोरोना के मामले के बीच विदेशी निवेशकों (Foreign Investors) का भारतीय बाजार पर भरोसा कायम है. डिपॉजिटरी के आंकड़ों के मुताबिक, फॉरेन पोर्टफोलियो इन्वेस्टर्स (FPI) ने भारतीय इक्विटी बाजारों में 1 से 23 दिसंबर 2022 के दौरान करीब 11,557 करोड़ रुपये का निवेश किया है. नवंबर में एफपीआई (FPIs) ने भारतीय बाजारों में 36,200 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया था.

डिपॉजिटरी के आंकड़ों के मुताबिक, एफपीआई (FPI) ने दिसंबर के दौरान इक्विटी में 11,557 करोड़ रुपये का निवेश किया है. इसकी मुख्य वजह अमेरिकी डॉलर सूचकांक के कमजोर होने और समग्र व्यापक आर्थिक रुझानों के बारे में सकारात्मकता बताया जा रहा है. डिपॉजिटरी के आंकड़ों से पता चलता है कि इससे पहले विदेशी निवेशकों ने अक्टूबर में 8 करोड़ रुपये और सितंबर में 7,624 करोड़ रुपये निकाले थे.

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इन फैक्टर्स से तय होगी बाजार की चाल

आने वाले समय में अमेरिका से मैक्रो डेटा और कोविड समाचार निकट भविष्य में FPI प्रवाह और बाजारों को चलाएंगे. मॉर्निंगस्टार इंडिया के मैनेजर रिसर्च और एसोसिएट डायरेक्टर हिमांशु श्रीवास्तव के मुताबिक, बाजारों में गिरावट के बावजूद, दुनिया के कुछ हिस्सों में कोविड के फिर से उभरने को लेकर बढ़ती चिंता और अमेरिका में मंदी की चिंता के बावजूद, एफपीआई भारतीय इक्विटी बाजारों में खरीदार बने रहे हैं. हालांकि, 23 दिसंबर को समाप्त सप्ताह में नेट इनफ्लो 1,000 करोड़ रुपये से कुछ कम थी, जबकि पिछले सप्ताह यह 6,055 करोड़ रुपये दर्ज की गई थी. उन्होंने कहा कि नेट इनफ्लो में गिरावट यह संकेत देती है कि हाल के घटनाक्रमों और जारी अनिश्चितताओं को देखते हुए विदेशी निवेशक सतर्क हो रहे हैं.

इन सेक्टर्स में लगाए पैसे

जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के मुख्य निवेश रणनीतिकार वी के विजयकुमार के मुताबिक, चीन में फैले कोविड-19 की चिंता एक नकारात्मक भावना है और अमेरिका के मजबूत आर्थिक आंकड़े फेड के आक्रामक रुख को जारी रखने का संकेत देते हैं, जो बॉन्ड यील्ड को बढ़ा रहा है और इक्विटी गिर रहा है. हालांकि इस प्रवृत्ति के उलट होने से ही बाजार में तेजी आएगी. इसके अलावा, चल रही अनिश्चितता के बीच, कई निवेशकों ने हाल ही में उच्चतम स्तर को छूने वाले भारतीय बाजारों के साथ मुनाफावसूली करना भी चुना होगा.

कुल मिलाकर FPI ने 2022 में अब तक इक्विटी मार्केट से नेट रूप से 1.21 लाख करोड़ रुपये निकाले हैं. दिसंबर के दौरान विदेशी निवेशकों ने डेट मार्केट से 2,900 करोड़ रुपए की नेट निकासी की है. भारत को छोड़कर, इस महीने अब तक फिलीपींस, दक्षिण कोरिया, ताइवान, थाईलैंड और इंडोनेशिया जैसे उभरते बाजारों में FPI इनफ्लो निगेटिव था.

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दिसंबर की पहली छमाही में FPI ऑटो, कैपिटल गुड्स, FMCG और रियल एस्टेट शेयरों में खरीदार थे, जबकि वे कंज्यूमर डुरेबल्स, ऑयल एंड गैस, पावर और फाइनेंस में बिकवाल रहे थे.

(पीटीआई)

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