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2016 में उत्तर प्रदेश की रैंकिंग 14वें पायदान पर थी. (Dna)
5 लाख करोड़ रुपए का बजट पेश करने का इतिहास रचने के बाद उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) को एक और उपलब्धि हासिल हुई है. बिजनेस रिफॉर्म एक्शन प्लान-2017-18 के वैल्यूएशन में UP को 'अचीवर स्टेट' माना गया है. यह रिपोर्ट केंद्र सरकार की औद्योगिक नीति और संवर्धन विभाग (DIPP) ने जारी की है. इसमें उत्तर प्रदेश को 92.89 फीसद संयुक्त स्कोर दिया गया है. इस मूल्यांकन में उत्तर प्रदेश ने 12वां स्थान हासिल किया है, जबकि 2016 में उत्तर प्रदेश की रैंकिंग 14वें पायदान पर थी.
उत्तर प्रदेश का नया और बेहतर सिंगल विंडो पोर्टल (Nivesh Mitra) ने राज्य में उद्योग स्थापित करने की प्रक्रिया को आसान बनाया है. फरवरी 2018 में PM नरेंद्र मोदी ने इस नई प्रणाली का शुभारंभ किया था. दो साल से भी कम समय में अब तक 1,00,336 आवेदनों को सिंगल विंडो पोर्टल के माध्यम से निस्तारित किया गया है. जो 73 फीसदी के करीब है, वहीं 13 फीसदी आवेदनों के निस्तारण की प्रक्रिया चल रही है.
औद्योगिक विकास आयुक्त आलोक टंडन ने लखनऊ में बताया कि राज्य सरकार का प्रयास है कि उत्तर प्रदेश में निवेशकों को निवेश के दौरान कोई परेशानी का सामना न करना पड़े. निवेश मित्र निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण माध्यम बना है. उन्होंने कहा कि उद्योगों और उद्यमियों का सहयोग के लिए निवेश मित्र 'ऑनलाइन प्रोत्साहन प्रबंधन उपकरण' और 'एमओयू ट्रैकर मॉड्यूल' से लैस होंगे.
प्रमुख सचिव इंडस्ट्रियल इस्टेब्लिशमेंट आलोक कुमार ने बताया कि राज्य में व्यापार आसानी से किया जा सके, इसके लिए राज्य सरकार द्वारा कई कदम उठाए गए हैं.
राज्य सरकार निवेश मित्र में व्यावसायिक क्षेत्र के लिए बिल्डिंग प्लान को मंजूरी देने जा रही है. इसके अलावा औद्योगिक उपयोग के लिए भूमि बैंकों की जानकारी जीआईएस के माध्यम ऑनलाइन उपलब्ध होगा.
उद्योग बंधु की कार्यकारी निदेशक नीना शर्मा ने कहा कि "मुख्यमंत्री कार्यालय से विभागों की नियमित निगरानी होने की वजह से ही हम 125 ऑनलाइन सेवाओं तक पहुंचने में सफल हो सके हैं."