&format=webp&quality=medium)
Knight Frank Report: हाल ही में भारतीय रिजर्व बैंक ने रेपो रेट में 50 बेसिस प्वाइंट का इजाफा किया था, जिसके बाद मीडियन लोन रेट्स मे भी इजाफा देखने को मिला और इस लोन में बढ़ोतरी होने से अफोर्डेबिलिटी में गिरावट देखने को मिल सकती है. इससे होमबायर्स की अफोर्डेबिलिटी और क्रय शक्ति पर असर पड़ सकता है. इसी सिलसिले में इस वित्त वर्ष के 9 महीने के असेसमेंट के आधार पर अफोर्डेबिलिटी इंडेक्स को जारी किया है, जिसके मुताबिक देश के टॉप 8 शहरों में गुजरात का अहमदाबाद सबसे ज्यादा किफायकती शहर बताया गया है. अहमदाबाद का अफोर्डेबल इंडेक्स 22 फीसदी है, जो कि पुणे और चेन्नई के बाद सबसे कम है. जितना कम अफोर्डेबल इंडेक्स होगा, वो शहर उतना रहने के लिए और होमबायर्स के लिए किफायती होगा.
नाइट फ्रेंक के मैनेजिंग डायरेक्टर शिशिर बैजय का कहना है कि 2022 में मीडियन लोन रेट्स में बढ़ोतरी की वजह से होम अफोर्डेबिलिटी की स्थिति खराब हुई है. 30 सितंबर को आरबीआई ने रेपो रेट में 50 बेसिस का इजाफा किया था. जब से आरबीआई ने रेपो रेट में बढ़ोतरी की है, तब से लेकर अबतक होम अफोर्डेबिलिटी में 2 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है. यहां जानिए कि अलग-अलग शहरों को लेकर नाइट फ्रेंक ने अपनी रिपोर्ट में क्या कहा है.
मुंबई
नाइट फ्रेंक की रिपोर्ट के मुताबिक, मुंबई अभी भी सबसे महंगा शहर है. 2010 में इस शहर का अफोर्डेबल इंडेक्स 97 फीसदी था, जो कि 2020 में गिरकर 53 फीसदी हो गया है. हालांकि होमबायर्स की नजरों से ये पॉजिटिव बदलाव है. ये अकेला शहर है, जहां अफोर्डेबल इंडेक्स 4 फीसदी की दर से बढ़ा है.
हैदराबाद
मुंबई के बाद हैदराबाद दूसरा सबसे महंगा शहर है. 2010 में इस शहर की अफोर्डेबल इंडेक्स 53 फीसदी थी, जो कि 2020 में सुधरकर 33 फीसदी हो गई. वहीं इस वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में हैदराबाद में ये इंडेक्स 31 फीसदी है.
एनसीआर
मुंबई, हैदराबाद के बाद एनसीआर तीसरा शहर है, जो होमबायर्स के लिए महंगा है. 2010 में ये इंडेक्स 48 फीसदी था, जबकि 2020 में ये 26 फीसदी रहा है और इस वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में 30 फीसदी रहा है.
बंगलुरू
एनसीआर के बाद बंगलुरू शहर हैं, जहां होमबायर्स के लिए अफोर्डेबिलिटी थोड़ी ज्यादा है. 2010 में इस शहर का इंडेक्स 39 फीसदी था, जबकि 2020 में सुधरकर ये 24 फीसदी हो गया है और अब तीसरी तिमाही में ये इंडेक्स 28 फीसदी रही है.
कोलकाता-चेन्नई
पांचवें नंबर पर कोलकाता का नाम है. 2010 में अफोर्डेबल इंडेक्स 51 फीसदी रहा था जो कि 2020 में सुधरकर 25 फीसदी हो गया. वित्त वर्ष 2022 की तीसरी तिमाही में ये इंडेक्स 27 फीसदी पर है. इसके अलावा चेन्नई भी अफोर्डेबल इंडेक्स में नीचे आता है. 2010 में ये इंडेक्स 47 फीसदी था, जो कि 2021 में सुधरकर 25 फीसदी हो गया.
पुणे और अहमदाबाद
नाइट फ्रेंक की इस रिपोर्ट में पुणे और अहमदाबाद को सबसे ज्यादा किफायती जगहों में से एक बताया है. 2010 में पुणे में ये इंडेक्स 45 फीसदी था जो कि 2021 में सुधरकर 24 फीसदी हो गया. इसके अलावा इस वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में ये इंडेक्स 26 फीसदी रहा है.
बात करें अहमदाबाद की तो ये शहर सबसे ज्यादा किफायती बताया जा रहा है. 2010 में इस शहर का इंडेक्स 46 फीसदी था जो कि 2021 में सुधरकर 20 फीसदी हो गया था. हालांकि वित्त वर्ष 2022 की तीसरी तिमाही में ये इंडेक्स 22 फीसदी है.