भारतीय रेलवे (Indian Railways) के इतिहास में 166 सालों के बाद पहली बार पूरे वित्तीय वर्ष में रेल हादसे में एक भी व्यक्ति को जान नहीं गवांनी पड़ी. रेलवे एक तरफ जहां ट्रेनों की स्पीड बढ़ाने के लिए बड़े पैमाने पर काम कर रहा है वहीं दूसरी तरत सुरक्षित रेल सफर को सुनिश्चित करने के लिए कई कदम उठाए गए हैं.
1/5रेलवे ने सेफ्टी फस्ट (Safety First) नाम से अभियान शुरू किया है. इसके तहत रेल यात्रियों को ट्रैक पार करने से भी रोका जा रहा है. हाल ही में मुंबई में एक व्यक्ति यमराज की ड्रेस में लोगों को पटरी पार न करने की चेतावनी देता भी देखा गया था.
2/5ट्रेसपासिंग या पटरी पार करने पर रेलवे एक्ट की धारा147 के तहत छह महीने की जेल और 1000 रुपये जुर्माना या दोनों सजाएं दी जा सकती हैं.
3/5ट्रेन की छत पर यात्रा करने पर रेलवे एक्ट की धारा156 के तहत सजा दी जाएगी. इसके तहत तीन महीने की जेल और 500 रुपये सजा हो सकती है.
4/5रेलवे परिसर में अनधिकृत हॉकिंग या सामान बेचने पर रेलवे एक्ट की धारा 144 के तहत कार्रवाई होगी. इसमें एक वर्ष की जेल, जुर्माने की न्यूनतम राशि 1,000 रुपये और जुर्माने की अधिकतम राशि 2000 रुपये वसूले जाने या दोनों सजाएं देने का प्रावधान;
5/5ट्रेन में बिना किसी ठोस वजह के अलार्म चेन खींचने पर रेलवे एक्ट की धारा 141 के तहत सजा मिल सकती है. इसमें 12 महीना जेल या 1000 रुपये जुर्माना या दोनों सजाओं का प्रावधान है. दिव्यांग, महिला या किसी अन्य रिजर्व कोच में यात्रा करने पर रेलवे एक्ट की धारा155 (ए) के तहत तीन महीने की जेल या 500 रुपये जुर्माना या दोनों सजाएं मिल सकती है.