भारतीय रेल 1 जून से रेलवे रोज लगभग 200 और ट्रेनें चलाने जा रहा है. इन नियमित ट्रेनों को उनके टाइम टेबल के हिसाब से चलाया जाएगा. इन ट्रेनों को चलाए जाने के पहले रेलवे ने यात्रियों के लिए एक गाइडलाइन जारी की है. रेलवे की ओर से जारी की गई गाइडलाइन के मुताबिक अगर किसी यात्री की थर्मल स्क्रीनिंग के दौरान बुखार या कोरोना संक्रमण के लक्षण दिखते हैं तो उसे ट्रेन में नहीं चढ़ने दिया जाएगा. इस तरह के यात्री को टिकट का पूरा पैसा रिफंड कर दिया जाएगा. रेलवे ने इस तरह के यात्रियों के लिए रिफंड की खास व्यवस्था बनाई है.
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2/5रेलवे की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक 1 जून से चलने वाली 200 मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों के लिए अगर आपने टिकट बुक की है और किसी वजह से कैंसिल करते हैं तो उस पर रेलवे के 2015 के कैंसिलेशन के नियम ही लागू होंगे. जान लीजिए ये नियम.
3/5अगर आपको कन्फर्म टिकट मिल गया है लेकिन आप किसी कारण से यात्रा नहीं कर पा रहे हैं तो फस्ट एसी या एक्जीक्यूटिव क्लास का टिकट ट्रेन चलने से 48 घंटे पहले कैंसिल कराने पर 240 रुपये प्रति यात्री की दर से कैंसिलेशन चार्ज लगेगा. इसमें जीएसटी अलग से होगा. वहीं सेकेंड एसी का टिकट कैंसिल कराने पर 200 रुपये प्रति यात्री की दर से कैंसिलेशन चार्ज लगेगा. थर्ड एसी के लिए ये चार्ज 180 रुपये है. स्लीपर में ये चार्ज 120 रुपये और जनरल में ये चार्ज 60 रुपये है.
4/5वहीं ट्रेन चलने के 12 से 48 घंटे के बीच अगर आप टिकट कैंसिल कराते हैं तो आपके किराए का 25 फीसदी कैंसिलेशन चार्ज लगेगा. जीएसटी अलग से देना होगा. वहीं अगर आप गाड़ी चलने के 4 से 12 घंटे के अंदर टिकट कैंसिल कराते है तो आपका 50 फीसदी किराया कैंसिलेशन चार्ज के तौर पर काट लिया जाएगा. जीएसटी अलग से देना होगा. अगर आपका टिकट कन्फर्म है और आप ट्रेन चलने के 4 घंटे के पहले टिकट कैंसिल नहीं कराते हैं तो आपको कुछ भी रिफंड नहीं किया जाएगा.
5/5अगर आपका टिकट आरएसी रह गया है तो आपको ट्रेन चलने के 30 मिनट पहले तक टिकट कैंसिल कराने का मौका मिलेगा. 30 मिनट से कम रहने पर आपको कोई रिफंड नहीं मिलेगा. अगर आपका टिकट वेटिंग या आरएसी है और आप ट्रेन चलने के 30 मिनट पहले टिकट कैंसिल करा लेते हैं तो आपका टिकट किसी भी क्लास का हो आपको मात्र 60 रुपये कैंसिलेशन चार्ज देना होगा.