भारतीय रेलवे (Indian Railways) 110 किलोमीटर लम्बे जिरीबाम (Jiribam)- इम्फाल (Imphal) रेल लाइन प्रोजेक्ट (Rail line project) पर काफी तेजी से काम कर रहा है. इस रेल लाइन प्रोजेक्ट के पूरा होने पर इम्फाल (Imphal) रेलवे के जरिए देश के अन्य हिस्सों से जुड़ जाएगा. इस प्रोजेक्ट को मार्च 2022 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. हाल ही में रेलवे बोर्ड के चेयरमैन वीके यादव (V K Yadav) ने इस रेल लाइन के काम की प्रगति का जायजा लिया.
1/5इस प्रोजेक्ट की लागत लगभग 12524 करोड़ रुपये है. इस रेल प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए इस रूप पर जो सुरंगें (tunnels) बनाई गई हैं उनकी कुल लम्बाई लगभग 62 किलोमीटर है. वहीं इस रूट पर 139 ब्रिज भी बनाए जा रहे हैं. इस रेल लाइन के बनने से इस क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और आसियान देशों के साथ व्यापार बढ़ेगा.
2/5जिरीबाम- इंफाल नई रेल लाइन लगभग 111 किलोमीटर लम्बी है. ये रेललाइन मणिपुर की राजधानी इंफाल को राज्य के पश्चिमोत्तर शहर जिरीबाम से जोड़ेगा. जिरिबाम शहर असम के कचर जिले में पड़ता है. इस परियोजना की शुरुआत 2008 में शुरू हुई थी. इस परियोजना की कुल लागत 13809 करोड़ रुपये है.
3/5इस लाइन पर विश्व का सबसे ऊंचा गार्डर ब्रिज बन रहा है. मणिपुर में बन रहा 141 मीटर ऊंचा ये पुल यूरोप में बने 139 मीटर ऊंचे पुल को पीछे छोड़ देगा. इस पुल को इजाई नदी पर किया जा रहा है.
4/5इस रेल लाइन के माध्यम से कुल नौ स्टेशनों को जोड़ा जाएगा. इसमें जिरीबाम, कांबिरोन, खोंगसांग, तुपुल, हाचिंग रोड, कैमाई रोड, थिंगौ, नांदी और इंफाल शामिल हैं. इस परियोजना से आशियान देशों से कारोबार बढ़ाने में काफी मदद मिलेगी. क्योंकि पूर्वोत्तर राज्य आशियान देशों से जुड़े हैं.
5/5इस लाइन पर कुल 45 सुरेंगे हैं. इसमें एक सुरंग की लम्बाई 10 किलोमीटर होगी. ये सुरंग देश की सबसे लम्बी सुरंगों में एक होगी. इस सुरंग को बनाने के लिए आस्ट्रियल टनलिंग तकनीक का इस्तेमाल किया जा हरा है.