इलाहाबाद से नई दिल्ली के बीच चलने वाली प्रयागराज एक्सप्रेस को चलते हुए मंगलवार को 35 वर्ष पूरे हो गए. यह रेलगाड़ी दिल्ली से इलाहाबाद जाने वाले लोगों में काफी लोकप्रिय ट्रेन है. इस ट्रेन के 35 वर्ष पूरे होने पर इलाहाबाद रेलवे स्टेशन पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस मौके पर NCR के महाप्रबंधक राजीव चौधरी ने केक काटा. 16 जुलाई 1984 को इस ट्रेन को पहली बार चलाया गया था.
1/5इस मौके पर ट्रेन में हेड ऑन जनरेशन (HOG) सुविधा की भी शुरुआत की गई. इसकी तकनीक के जरिए प्रति वर्ष करीब एक करोड़ रुपये की बिजली बचाई जा सकेगी.
2/5प्रयागराज एक्सप्रेस के 35 साल पूरे होने पर महाप्रबन्धक उत्तर मध्य रेलवे राजीव चौधरी ने इस गाड़ी को पहली बार चलाने में हिस्सा लेने वाले कुल 18 कर्मचारियों को प्रमाण पत्र एवं मेमेंटो प्रदान कर सम्मानित किया गया.
3/5मंगलवार को इस ट्रेन में यात्रा करने वाले यात्रियों को टॉफी दी गई. एसी कोच के यात्रियों को विशेष तौर पर तैयार थैले में चादर-कंबल दिए गए. स्मृति चिह्न के तौर पर यात्री थैला घर ले जाने दिया गया.
4/5प्रयागराज एक्सप्रेस तय समय से अपने गंतव्य तक पहुंचने के चलते इलाहाबाद के लोगों के बीच काफी लोकप्रिय है. यह रेलगाड़ी उत्तर मध्य रेलवे की पहली न आईएसओ 9001 प्रमाणित ट्रेन है.
5/5रेलवे की ओर से प्रयागराज के जिन कर्मियों को सम्मानित किया गया उनमें प्रमुख रूप से शीतला प्रसाद श्रीवास्तव, वीएम दुबे, विदित तिवारी, अजय गुप्ता, एमपी सिंह, राम सिंह,डीएन सक्सेना, गजेंद्र सिंह, सुनील कुमार श्रीवास्तव, विष्णु चंद शुक्ला, रामजी सिंह, सुनील कुमार आदि रहे.