पीक सीजन में ट्रेन का कन्फर्म टिकट चाहते हैं तो यह खबर आपके लिए है. एक स्टार्टअप का दावा है कि अगर आपको ट्रेन का खरीदा टिकट कन्फर्म नहीं होगा तो वह आपको उसी कीमत पर हवाई जहाज से आपकी मंजिल तक पहुंचाएगा. इस स्टार्टअप का नाम है Railofy. इसके मुताबिक Train टिकट कन्फर्म करने के लिए कुछ फीस चुकानी होगी.
1/6Railofy की वेबसाइट के मुताबिक फीस 50 से 500 रुपए तक हो सकती है. साथ ही यह भी कहा गया है कि फीस वेट लिस्ट (Wait List) के हिसाब से वसूली जाएगी. स्टार्टअप का यह भी कहना है कि अगर किसी वजह से सीट कन्फर्म नहीं होती तो वह आपको टिकट की कीमत पर 24 घंटे में फ्लाइट से मंजिल तक पहुंचाएंगे.
2/6इससे पहले भारतीय रेलवे (Indian Railways) ने जनरल (General) डिब्बों के यात्रियों के लिए कन्फर्म टिकट देने की सुविधा शुरू की थी. कन्फर्ट सीट देने के लिए रेलवे ने अलग सिस्टम अपनाया था. इस योजना को जुलाई 2019 में वेस्टर्न रेलवे (Western Railway) के मुंबई सेंट्रल (Mumbai Central) रेलवे स्टेशन और बांद्रा (Bandra) टर्मिनस पर शुरू किया गया. अब रेलवे इसे पूरे देश में लागू करने की तैयारी में है. इसके तहत यात्री की सीट का नंबर उसकी फोटो के साथ Whatsapp पर आ जाएगा. इससे जनरल बोगी में यात्रियों की भीड़ घटेगी.
3/6East Central रेलवे के दानापुर मंडल ने पायलट प्रॉजेक्ट के तहत पास फॉर अनरिजवर्ड बोर्ड (PURAB) योजना शुरू की थी. इस योजना में जनरल बोगी में Unreserve सीटों पर भी आपको कन्फर्म सीट मिलेगी. टिकट काउंटर पर जब टिकट दिया जाएगा तभी रेलवे क्लर्क यात्रियों को बोर्डिंग पास भी देगा.
4/6इस स्टार्टअप की शुरुआत रोहन ने की है. उनके मुताबिक यह बिजनेस मॉडल बीमा की तरह काम करता है. इससे कई ट्रैवेल एजेंट और कस्टमरों को फायदा हुआ है. अभी यह सर्विस मुंबई के ग्राहकों को मिल रही है. मुंबई से चलने वाली AC ट्रेन में स्टार्टअप कन्फर्म सीट दिलाता है. स्टार्टअप इसे धीरे-धीरे पूरे देश में फैलाएगा.
5/6आपको बता दें कि देश की ट्रैवेल इंडस्ट्री का साइज 2025 तक 900 करोड़ रुपए का होगा. इस सेक्टर से 3000 टेक ट्रैवेल्स जुड़े हैं.
6/6रेलवे ने जहां-जहां यह योजना शुरू की है वहां रेलवे काउंटर के साथ PURAB काउंटर बनाया गया है. जनरल क्लास के यात्री को टिकट खरीदकर Purab काउंटर पर जाना होगा. यहां पहचान पत्र देखकर फोटो खींची जाएगी. उसके बाद Whatsapp नंबर पर डिजिटल टिकट भेजा जाएगा, जिसमें आपकी फोटो लगी होगी. रेलवे ऐसा सिस्टम इसलिए लाया ताकि जनरल कोच में सीट पर कब्जा कर बेचने वालों पर लगाम लग सके.