Indian Railways ने मेक इन इंडिया अभियान के तहत मधेपुरा में बने WAG12B (12000 HP) क्षमता के इंजन का ट्रायल रेलवे के लखनऊ मंडल में किया जा रहा है. ट्रायल के दौरान लखनऊ मंडल के कई सेक्शनों पर इस इंजन को चलाया गया. ट्रायल के दौरान ये लोकोमोटिव 118 लोडेड वैगेल को लेकर बेहद आसानी से 100 किलोमीटर प्रति घंटा की स्पीड पर चला. ये इंजन इस लोड के साथ बेहद आसानी से 120 किलोमीटर प्रति घंटा की स्पीड पर चल सकता है.
1/5भारतीय रेलवे का ये अब तक का सबसे ताकतवर इंजन है. हाल ही में इस 12,000 हॉर्स पावर के इंजन को पंडित दीनदयाल उपाध्याय डिवीजन से लेकर झारखंड के धनबाद डिवीजन तक चलाया गया था. भारतीय रेल के पास अब तक सबसे ताकतवर रेल इंजन 6,000 हॉर्स पावर का रहा है.
2/5इस शक्तिशाली बिजली इंजन को तैयार कर भारत रूस, चीन, फ्रांस, जर्मनी और स्वीडन समेत उन देशों में शामिल हो गया, जिनके पास 12,000 हॉर्स पावर या इससे ज्यादा की क्षमता वाला बिजली रेल इंजन हैं.
3/5मेक इन इंडिया के तहत 12,000 हॉर्स पावर का पहला शक्तिशाली और हाई स्पीड वाला लोकोमोटिव भारतीय रेल के लिए एक बड़ी कामयाबी है. इस इंजन को भारत सरकार की मेक इन इंडिया योजना के तहत फ्रांस की कंपनी एलेस्ट्रोम (Alstom) ने तैयार किया है.
4/5यह लोकोमोटिव ओएचई लाइनों (OHE lines) के साथ हाई ओएचई लाइनों वाले डेडिकेटेड फ्रेट गलियारों पर दौड़ सकता है. इस इंजन में दोनों तरफ ड्राइवरों के लिए एयर कंडीशनर केबिन हैं. इस इंजन में आधुनिक ब्रेकिंग सिस्टम लगा हुआ है. इसकी खासियत यह है कि यह फॉग वाचिंग डिवाइस से लैस है जिससे कोहरे में भी रफ्तार कम नहीं होगा. यह इंजन 100 किमी प्रति घंटे की स्पीड मालगाड़ी के रैक को खींच सकता है.
5/5भारतीय रेल में विदेशी निवेश के तहत भारत सरकार ने Alstom के साथ 25,000 करोड़ रुपये का एक संयुक्त उपक्रम तैयार किया है. इस प्रोजेक्ट के तहत 12,000 एचपी के 800 डबल-सेक्शन इलेक्ट्रिक इंजनों का निर्माण और 11 वर्षों के लिए उनका रखरखाव शामिल है.