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देश के सभी रेल यात्रियों के लिए सबक है रेलवे की ये कार्रवाई, 1 हफ्ते में गिरफ्तार हुए 171 लोग (Indian Railways)
भारतीय रेल (Indian Railways) को देश की लाइफलाइन क्यों कहा जाता है, इसके बारे में कुछ बताने की शायद कोई खास जरूरत नहीं है. रोजाना करोड़ों लोगों को उनकी मंजिल तक पहुंचाने वाली भारतीय रेल अपने रेल यात्रियों को बेहतर और सुविधाजनक सेवाएं देने के लिए दिन-रात काम करती है. हालांकि, कुछ यात्रियों की वजह से न सिर्फ रेलवे को कई बार दिक्कतों का सामना करना पड़ता है बल्कि बाकी यात्रियों को भी कई तरह की समस्याएं होती हैं. जी हां, हम बात कर रहे हैं ट्रेनों में की जाने वाली चेन पुलिंग (Chain Pulling in Train) की. बताते चलें कि बिना किसी ठोक वजह के ट्रेन को रोकने के लिए चेन खींचना रेल अधिनियम के तहत कानूनन अपराध है.
भारतीय रेल अपनी ट्रेनों में बिना किसी वजह चेन खींचने वालों के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई करता है. इसी सिलसिले में पूर्व मध्य रेल (East Central Railway) भी बिना किसी कारण चेन पुलिंग (Emergency Alarm Chain) कर ट्रेनों को रोकने वालों के खिलाफ नियमित रूप से सख्त कार्रवाई कर रहा है. पूर्व मध्य रेलवे ने पिछले सप्ताह 26 नवंबर से 2 दिसंबर, 2022 तक रेलवे सुरक्षा बल (RPF) की मदद से चेन पुलिंग के खिलाफ रेल अधिनियम की धारा 141 के तहत कार्रवाई करते हुए कुल 171 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. इनमें सबसे ज्यादा 81 लोग दानापुर मंडल में पकड़े गए हैं जबकि समस्तीपुर मंडल में बिना कारण चेन पुलिंग करने वाले 35 लोगों को गिरफ्तार किया गया है.
रेल सुरक्षा बल द्वारा सोनपुर मंडल में 25, पंडित दीन दयाल उपाध्याय मंडल में 20 और धनबाद मंडल में 10 लोगों को अवैध चेन पुलिंग के आरोप में गिरफ्तार किया गया. पिछले हफ्ते पूर्व मध्य रेल के अलग-अलग रेल सेक्शनों पर 32 ट्रेनों में बिना किसी ठोक कारण के चेन पुलिंग की गई थी, जिससे कई ट्रेनें समय पर अपने गंतव्य पर नहीं पहुंच पाती हैं. चेन पुलिंग करने से ट्रेनों को बिना शेड्यूल के रुकना पड़ता है, जिसके कारण यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है. लंबी दूरी तय करने वाली ट्रेनों में सफर करने वाले यात्रियों को इसकी वजह से सबसे ज्यादा दिक्कतें होती हैं.
बताते चलें कि अलार्म चेन खींचने की वजह से वो ट्रेन तो लेट होती ही है, इसके साथ उस ट्रैक पर पीछे से आ रही बाकी सभी ट्रेनें भी देर हो जाती हैं. रेल अधिनियम 1989 की धारा 141 के तहत, बिना उचित कारण ट्रेन के अलार्म चेन को खींचने पर 1 हजार रुपये का जुर्माना या एक साल तक की जेल हो सकती है. इतना ही नहीं, ऐसा करने वाले यात्री को 1 हजार रुपये के जुर्माने के साथ 1 साल की जेल भी हो सकती है.