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सैलरीड पर्सन हो या नॉन-सैलरीड पर्सन टैक्स स्लैब में आने वाला हर व्यक्ति टैक्स बचाना चाहता है. टैक्स बचाने के लिए इक्विटी लिंक सेविंग स्कीम यानी ELSS एक बेहतर ऑप्शन माना जाता है. क्योंकि सबसे कम लॉक इन पीरियड वाले टैक्स सेविंग म्यूचुअल फंड में ELSS का नाम सबसे पहले आता है. इस स्कीम में सेक्शन 80C के तहत निवेशक को 1.5 लाख रुपए तक का टैक्स डिडक्शन तो मिलता ही है. इसके अलावा निवेशकों को अच्छा रिटर्न भी मिलता है. लेकिन इसमें निवेश से पहले कुछ जरूरी बातों को ध्यान में रखना चाहिए.
ELSS में निवेश से पहले किन बातों का ध्यान रखना चाहिए? इसे समझने के लिए हमने kuvera.in के COO नीलभ सान्याल ने ELSS के निवेशकों के लिए खास टिप्स दिए हैं...
फंड 3 साल में रिटर्न
Quant Tax Plan Dir 39.03%
Parag Parikh Tax Saver 25.66%
IDFC Tax Advtg 24.73%
PGIM Ind ELSS Tax Saver 22.31%
Bank of India Tax Advtg 21.21%
ELSS में 80% शेयर बाजार में और 20 फीसदी डेट में निवेश किया जाता है. इसमें मैक्सिमम निवेश की सीमा नहीं है, लेकिन मिनिमम निवेश 500 रुपए का होना चाहिए. इसके लिए लॉक-इन पीरियड सबसे कम 3 साल का होता है. इसमें निवेश करने पर सेक्शन 80सी के तहत टैक्स डिडक्शन का लाभ मिलता है, जिसकी लिमिट 1.5 लाख रुपए होती है.
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