Sovereign Gold Bond: आज से खुल गया गोल्ड बॉन्ड, छूट पर सोना खरीदने का सुनहरा मौका, चेक करें डीटेल

दरअसल, Sovereign Gold Bond Scheme- 2023-24 की नई सीरीज आज से शुरू हो गई है, जिसमें आप छूट के साथ गोल्ड में निवेश कर सकते हैं.
Sovereign Gold Bond: आज से खुल गया गोल्ड बॉन्ड, छूट पर सोना खरीदने का सुनहरा मौका, चेक करें डीटेल

सोने में निवेश की चाह रखने वालों के लिए आज 18 दिसंबर, 2023 से बढ़िया मौका शुरू हो रहा है. दरअसल, Sovereign Gold Bond Scheme- 2023-24 की नई सीरीज आज से शुरू हो गई है, जिसमें आप छूट के साथ गोल्ड में निवेश कर सकते हैं. और अगर आपको बस निवेश के लिहाज से गोल्ड में पैसे लगाने हैं तो गोल्ड बॉन्ड का ऑप्शन आपके लिए ज्यादा बेहतर क्यों है, ये भी जानना आपके लिए जरूरी है.

गोल्ड बॉन्ड स्कीम की खास बातें

18 से 22 दिसंबर के बीच में सेंट्रल बैंक रिजर्व बैंक की ओर से लाई जाने वाली सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम- 2023-24 की तीसरी किश्त खुल रही है. चौथी किश्त फरवरी में खुलेगी. तीसरी किश्त की इशू डेट 28 दिसंबर है. बता दें कि 2023-24 के स्कीम की ये इस साल की आखिरी किश्त है. वित्तीय वर्ष की आखिरी यानी चौथी स्कीम फरवरी में 12 से 16 फरवरी को खुलेगी.

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गोल्ड बॉन्ड में गोल्ड प्राइस क्या मिलेगा?

इस स्कीम के तहत आरबीआई ने गोल्ड की कीमत 6,199 रुपये प्रति ग्राम तय की है. गोल्ड बॉन्ड के तहत मेटल का भाव तय करने के लिए 999 प्योरिटी वाले गोल्ड का औसत क्लोजिंग भाव देखते हैं. इश्यू से ठीक पहले IBJA के 3 दिनों के औसत भाव का आधार देखा जाता है.

कैसे खरीद सकते हैं?

आप सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड में कई तरीकों से निवेश कर सकते हैं-

-बैंकों से ऑनलाइन और ऑफलाइन खरीद सकते हैं
-ऑनलाइन खरीद पर `50/ग्राम की छूट मिलेगी.
- आप पोस्ट ऑफिस से भी खरीद सकते हैं.
- स्टॉक होल्डिंग कॉर्पोरेशन के जरिए खरीदा जा सकता है.
- BSE, NSE के प्लेटफॉर्म से भी खरीदने का विकल्प है.

गोल्ड बॉन्ड में क्यों कर सकते हैं निवेश?

गोल्ड बॉन्ड के अपने ढेरों फायदे हैं. इसपर आपको सालाना 2.4 फीसदी का ब्याज मिलता है, जिसका हर छह महीने पर भुगतान किया जाता है. वहीं, बाजार में भाव बढ़ने पर आपके निवेश का मूल्य भी बढ़ता है. इसके अलावा भी कई फायदे हैं-

1. GST के दायरे में नहीं आता है, फिजिकल गोल्ड पर 3% GST लगता है.
2. गोल्ड बॉन्ड में ट्रांसफर का भी विकल्प मिलता है.
3. बॉन्ड के बदले लोन लेने का भी विकल्प होता है.
4. शुद्धता की दिक्कत नहीं, पेपर होने के चलते आपको इसकी शुद्धता की भी फिक्र नहीं करनी पड़ती. फिजिकल गोल्ड में सोना बेचने जाओ तो पहले उसकी शुद्धता देखी जाती है, और अकसर पता चलता है कि बिक्री के वक्त शुद्धता सही नहीं थी, या ऐसा ही कुछ.
6. मेच्योरिटी बाद आपको गोल्ड पर कोई टैक्स नहीं देना होता है.
7. साथ ही घर में रखने का झंझट नहीं, यानी आपको इसके स्टोरेज और सेफ्टी की फ्रिक नहीं करनी पड़ती.

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