कई बार ऑनलाइन ट्रांजेक्शन (Online transaction) करते समय गलत अकाउंट नंबर एंटर हो जाता है और पैसे किसी दूसरे व्यक्ति के खात में चले जाते हैं. अगर आपको साथ भी ऐसा कुछ हुआ है तो आप बिल्कुल भी परेशान न हों. अब से गलत खाते में पैसा जाने पर बैंक आपकी पूरी मदद करेगा और आपको पैसा वापस मिल जाएगा. आइए आपको बताते हैं कि आप बैंक से अपने पैसे किस तरह मांग सकते हैं. इसके साथ ही अगर रिसीवर आपके पैसे देने को मना करता है तो आपको क्या करना चाहिए.
1/5आपको सबसे पहले अपने बैंक के पास इस बारे में शिकायत दर्ज करानी होगी. अगर आपको और लाभार्थी का खाता एक ही बैंक में तो यह प्रोसेस जल्दी ही पूरा हो जाता है. नहीं तो आपको इस प्रोसेस में लगभग 3 से 4 दिन का समय लग जाता है.
2/5आपने जिस व्यक्ति को पैसे ट्रांसफर किए हैं. अगर उसका खाता दूसरे बैंक में है तो आपको वहां जाकर भी शिकायत दर्ज करानी होगी क्योंकि बैंक अपने ग्राहक की अनुमति के बिना किसी को भी पैसे ट्रांसफर नहीं कर सकता.
3/5इसके अलावा आपको ट्रांजेक्शन प्रूफ के रुप में बैंक को डिजिटल ट्रांजेक्शन का स्क्रीनशॉट देना होगा. ये प्रूफ देने के बाद बैंक आगे की प्रक्रिया शुरू करेगा. इसमें दो से तीन दिन का समय लगेगा. इसके बाद वह बैंक उस खाते के ओनर को सूचित करेगा और पैसे आपके अकांउट में वापस ट्रांसफर करने को कहेगा.
4/5अगर रिसीवर यानि अगर कोई व्यक्ति पैसा लौटाने से मना कर दे तो क्या होगा? अगर वह पैसे लौटाने से मना कर दे तो आप उसके खिलाफ केस दर्ज कर सकते हैं. कानूनी कार्रवाई में समय लगता है ऐसे में खाताधारक को बैंक पर दबाव बनाकर रिसीवर को मनाने की कोशिश करनी चाहिए.
5/5आरबीआई के निर्देशों के अनुसार अगर किसी भी व्यक्ति के साथ ऐसा होता है तो बैंक को जल्द जल्द से कदम उठाकर ग्राहक का पैसा वापस दिलाने में मदद करनी होगी.