अगर आप अमेजन (Amazon), Paytm, PhonePe, Ola Money या कोई और प्रीपेड वॉलेट का इस्तेमाल कर रहे हैं तो तत्काल KYC करा लें. RBI के नियम के मुताबिक 29 फरवरी 2020 तक सभी यूजर को ई वॉलेट की फुल KYC करा लेना अनिवार्य है. पहले फुल KYC की तारीख 31 अगस्त 2019 थी.
1/7हालांकि ई वॉलेट यूजर को अलग-अलग SMS भेजकर अपनी KYC पूरी करने का रिमांइडर दे रहे हैं. इसमें तारीखें अलग-अलग हैं. इससे यूजर में कन्फ्यूजन है.
2/716 दिसंबर को एक SMS में यूजर से कहा गया कि आप 5 मार्च 2020 तक KYC पूरी कर लें जबकि दूसरे यूजर को KYC पूरी करने की तारीख 8 मई 2020 मिली है. साथ में यह भी है कि KYC पूरी न होने पर आपका ई वॉलेट ब्लॉक हो जाएगा.
3/7इसके लिए आपको प्रीपेड इंस्ट्रूमेंट (PPI) अकाउंट को Aadhaar से जोड़ना होगा. आप इसे मोबाइल नंबर, ई वॉलेट ऐप या नजदीकी KYC सेंटर पर जाकर पूरा कर सकते हैं.
4/7अगर पहले से मिनिमम केवाईसी करा चुके हैं तो आगे आप फुल केवाईसी भी करा सकते हैं. इसके लिए पेटीएम केवाईसी सेंटर में जाकर डॉक्यूमेंट्स जमा करने होते हैं. इसके बाद फुल केवाईसी की प्रक्रिया पूरी हो जाती है. मिनिमन केवाईसी और फुल केवाईसी में कुछ ट्रांजेक्शन लिमिट होती हैं.
5/7RBI ने अगस्त में जारी नोटिफिकेशन में कहा था कि जो यूजर ई वॉलेट का इस्तेमाल कर रहे हैं उनके लिए फुल KYC की डेडलाइन बढ़ाकर 29 फरवरी 2020 की जाती है. लेकिन उसके बाद डेडलाइन आगे नहीं बढ़ेगी. यानि वॉलेट के लिए फुल KYC को 18 महीने से बढ़ाकर 24 महीने किया गया है.
6/7इसके मायने ये हुए कि मिनिमम KYC की मियाद 18 महीने से बढ़ाकर दो साल कर दी गई है. इससे महीने के 10,000 रुपये तक के रिटेल पेमेंट ट्रांजैक्शन के लिए फुल KYC की जरूरत नहीं होगी, सिर्फ सेल्फ डिक्लेयरेशन और मोबाइल OTP देने पर वॉलेट से ट्रांजैक्शन होता रहेगा.
7/7मिनिमम KYC में ई वॉलेट सर्विस प्रोवाइडर यूजर का मोबाइल नंबर और PAN, Aadhaar या किसी अन्य सरकारी दस्तावेज का नंबर लेता है जबकि फुल KYC में वेरिफिकेशन कराना होता है. इसमें PAN कार्ड, एड्रेस प्रूफ की जरूरत पड़ती है.