SIP में क्‍यों ताबड़तोड़ पैसा लगा रहे हैं निवेशक? बढ़ती महंगाई और ब्‍याज दरों के बीच रिकॉर्ड इनफ्लो, क्‍या कहते हैं एक्‍सपर्ट

SIP Investment: अहम सवाल है कि एसआईपी में निवेशक ताबड़तोड़ पैसा क्‍यों लगा रहा है, जबकि बाजार को लेकर अनिश्चितता का दौर बना हुआ है. एक्‍सपर्ट का मानना है कि रिटेल निवेशकों को इंडिया की ग्रोथ स्‍टोरी पर मजबूत भरोसा है और इसलिए वो वॉलेटिलिटी में घबरा नहीं रहे हैं.
SIP में क्‍यों ताबड़तोड़ पैसा लगा रहे हैं निवेशक? बढ़ती महंगाई और ब्‍याज दरों के बीच रिकॉर्ड इनफ्लो, क्‍या कहते हैं एक्‍सपर्ट

सितंबर 2022 में SIP के जरिए रिकॉर्ड 12976 करोड़ रुपये का निवेश आया. (Representational Image) 

Mutual Fund SIP Investment: म्‍यूचुअल फंड निवेशक सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) के जरिए जमकर पैसा लगा रहे हैं. इसी का नतीजा है कि बाजार में भारी उठापटक के बावजूद सितंबर 2022 में SIP के जरिए रिकॉर्ड 12,976 करोड़ रुपये का निवेश म्‍यूचुअल फंड स्‍कीम्‍स में हुआ. साथ ही साथ SIP अकाउंट्स की संख्‍या भी बढ़कर 5.84 करोड़ को पार कर गई है. SIP के ताबड़तोड़ निवेश की बदौलत सितंबर तिमाही में म्‍यूचुअल फंड इंडस्‍ट्री का एसेट अंडर मैनजमेंट (AUM) बढ़कर 39.88 लाख करोड़ रुपये हो गया. ऐसे में यह सवाल अहम है कि SIP में रिटेल निवेशक ताबड़तोड़ पैसा क्‍यों लगा ररहे हैं, जबकि बाजार को लेकर अनिश्चितता का दौर बना हुआ है. एक्‍सपर्ट का मानना है कि रिटेल निवेशकों को इंडिया की ग्रोथ स्‍टोरी पर मजबूत भरोसा है और इसलिए वो वोलैटिलिटी में घबरा नहीं रहे हैं.

SIP पर क्‍यों बुलिश हैं निवेशक?

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BPN फिनकैप के डायरेक्‍टर एके निगम का कहना है कि रिटेल इन्‍वेस्‍टर अब मैच्‍योर हो गया है. वो इक्विटी के कैरेक्‍टर को समझ रहा है. मार्केट में उतार-चढ़ाव पर अब वो घबरा नहीं रहा है. इंडिया की ग्रोथ स्‍टोरी पर उनका भरोसा बना हुआ है. ग्‍लोबल लेवल पर अनिश्चितता के बावजूद पूरी दुनिया में ग्रोथ रेट देखें, तो भारत अभी भी आगे है. इसलिए रिटेल सेगमेंट में पैसा आ रहा है. आगे भी इक्विटी को लेकर रिटेल सेगमेंट का अब कंट्रीब्‍यूशन बना रहेगा. निगम का कहना है कि SIP को लेकर अब निवेशकों में अवेयरनेस भी बढ़ी है. उनको अब ये मालूम है कि बाजार की अनिश्चितता शॉर्ट टर्म के लिए है. थोड़े समय बाद फिर से हालात बेहतर होंगे. ऐसे में रिटेल निवेशक अब मार्केट गिरने पर मौका तलाश रहा है.

Amfi के मुताबिक, SIP के नंबर सितंबर महीने में जबरदस्‍त रहे हैं. रिकॉर्ड 12,976 करोड़ रुपये का कंट्रीब्‍यूशन आया है. आने वाले महीनों में यह 13,000 करोड़ मंथली के आंकड़े को छू लेगा. पिछले कुछ महीनों में मार्केट में महंगाई और ब्‍याज दरों में बढ़ोतरी जैसे कई फैक्‍टर हावी रहे. बावजूद इसके छोटे निवेशकों का म्‍यूचुअल फंड इन्‍वेस्‍टमेंट में लगातार भरोसा बना हुआ है. रिटेल निवेशक SIP को लंबी अवधि में वेल्‍थ क्रिएशन के कारगर टूल के रूप में देख रहे हैं.

रिटेल फोलियो ऑल टाइम हाई पर

एसोसिएशन ऑफ म्‍यूचुअल फंड्स इन इंडिया (Amfi) के हाल में जारी आंकड़ों के मुताबिक, SIP इनफ्लो के दम पर सितंबर महीने में इंडस्‍ट्री का कुल एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) बढ़कर 39.88 लाख करोड़ हो गया. एक साल पहले सितंबर में यह एयूएम 36.73 लाख करोड़ था. जबकि, अगस्‍त 2022 में एयूएम 39.33 लाख करोड़ रुपये था.

आंकड़ों के मुताबिक, सितंबर में फोलियो की संख्‍या बढ़कर 13.81 करोड़ हो गई. रिटेल फोलियो 10.99 करोड़ के ऑल टाइम हाई पर पहुंच गया. सितंबर में SIPs का कंट्रीब्‍यूशन बढ़कर रिकॉर्ड 12.97 लाख करोड़ हो गया. वहीं, SIP अकाउंट्स की संख्‍या बढ़कर 5.84 करोड़ पर पहुंच गई है. SIP AUM सितंबर में 4501 करोड़ (MoM) बढ़कर 6.35 लाख करोड़ हो गया. एसआईपी इनफ्लो के चलते इक्विटी म्यूचुअल फंड निवेश में उछाल आया. सितंबर महीने में कुल इक्विटी इन्फ्लो 14,077 करोड़ रुपये रहा. अगस्त में यह आंकड़ा 5942 करोड़ रहा था. मंथली आधार पर इसमें 137 फीसदी का उछाल आया है.


(डिस्‍क्‍लेमर: म्‍यूचुअल फंड में निवेश संबंधी सलाह एक्‍सपर्ट द्वारा दी गई है. ये जी बिजनेस के विचार नहीं है. म्‍यूचुअल फंड में निवेश बाजार के जोखिमों के अधीन है. निवेश से पहले अपने एडवाइजर से परामर्श कर लें)

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