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घर तो हर कोई लेना चाहता है, लेकिन दिल्ली-एनसीआर जैसी जगह में अगर 2BHK लेना हो तो 40-50 लाख रुपये का बजट होना जरूरी है. एक मिडिल क्लास शख्स तो अपनी सारी जमा पूंजी ही घर खरीदने में लगा देता है, फिर भी पैसे कम पड़ जाते हैं. ऐसे में उसे जरूरत पड़ती है होम लोन की, जिसे चुकाते-चुकाते उसकी सारी उम्र गुजर जाती है. घर खरीदने में 80-85 फीसदी लोगों को होम लोन लेना पड़ता है, जिसके बाद उनकी हर महीने की सैलरी में से एक बड़ा हिस्सा ईएमआई के रूप में चला जाता है. अब सवाल ये है कि आखिर घर की कीमत कैसे वसूल की जाए? क्या घर खरीदने के बजाय किराए पर ही रहते तो ठीक रहता? अगर आप भी अपने घर की कीमत वसूल करना चाहत हैं तो इसमें आपकी मदद करेगा एसआईपी (SIP). बस आपको थोड़ा
मान लेते हैं आपने 50 लाख रुपये का घर खरीदने के लिए 40 लाख रुपये (80 फीसदी) का होम लोन लिया है और 20 साल की ईएमआई बनवाई है. अगर आपको यह लोन 8.5 फीसदी के रेट से मिला है तो आपको हर महीने 34,713 रुपये की ईएमआई 20 साल तक चुकानी होगी. यहां हम ये भी मान रहे हैं कि अगले 20 साल तक ब्याज दर यही बनी रहेगी. ऐसे में आपको 40 लाख रुपये के लोन पर 43,31,103 रुपये का ब्याज चुकाना होगा. यानी कुल मिलाकर आपको 83,31,103 रुपये चुकाने होंगे.
घर का पैसा वसूल करना है तो म्यूचुअल फंड SIP एक शानदार विकल्प है. आपको सिर्फ इतना ही करना है कि जैसे ही होम लोन की ईएमआई शुरू हो, वैसे ही आपको एसआईपी में निवेश शुरू कर देना चाहिए. अब सवाल ये उठता है कि आखिर हर महीने कितने पैसे एसआईपी में डालें कि घर की कीमत वसूल हो जाए?
आम तौर पर आपको अपनी ईएमआई का 20-25 फीसदी एसआईपी में डालना चाहिए. ऊपर दी गई होम लोन की ईएमआई की कैलकुलेशन के हिसाब से आप एसआईपी की रकम तय कर सकते हैं. आपकी ईएमआई अभी तक 34,713 रुपये की बन रही है तो आप इसका करीब 25 फीसदी यानी लगभग 8678 रुपये हर महीने एसआईपी में डाल सकते हैं. इस पर आपको औसतन 12 फीसदी का ब्याज मिल सकता है. इस तरह 20 साल में आपका कुल निवेश होगा 20,82,480 रुपये का, जिस पर आपको 65,87,126 रुपये का ब्याज मिलेगा. इस तरह आपका कुल कॉर्पस 86,69,606 रुपये का हो जाएगा.
अगर आप होम लोन के साथ-साथ एसआईपी शुरू कर देते हैं तो 20 साल तक हर महीने 34,713 रुपये की ईएमआई देकर करीब 83,31,103 रुपये का भुगतान करेंगे. वहीं 20 साल में हर महीने 8678 रुपये देकर कुल 20,82,480 रुपये का अतिरिक्त भुगतान करेंगे. इस अतिरिक्त भुगतान से आपका जो कॉर्पस (86,69,606 रुपये) बनेगा, वह आपको पूरे होम लोन से अधिक होगा.
आपने होम लोन लेकर 20 साल में कुल 83,31,103 रुपये का भुगतान किया. वहीं एसआईपी के जरिए भी 20,82,480 रुपये निवेश किए. यानी आपका कुल निवेश हो गया 1,04,13,583 (करीब 1.04 करोड़ रुपये). वहीं एसआईपी से आपका कुल कॉर्पस बन जाएगा 86,69,606 रुपये का. इस तरह आपके घर की इफेक्टिव कीमत 17,43,977 रुपये पड़ेगी. मतलब अगर आप स्मार्ट तरीके से होम लोन और एसआईपी एक साथ करें तो 50 लाख रुपये का घर आपको सिर्फ 27.43 लाख रुपये में मिल जाएगा. इसमें वो 10 लाख रुपये भी शामिल हैं, जो आपने घर खरीदते वक्त अपनी जेब से लगाए थे.