CIBIL Score: अपना CIBIL स्कोर फौरन कैसे बढ़ाएं? नोट कर लें ये आसान तरीके

मामूली गलती से भी सिबिल स्कोर पर सीधा असर पड़ता है. अगर आपका सिबिल स्कोर कम है और इसे फटाफट सुधारना चाहते हैं तो इसके लिए जरूरी है कि लोन भुगतान समेत अन्य फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन अच्छा रहे.
CIBIL Score: अपना CIBIL स्कोर फौरन कैसे बढ़ाएं? नोट कर लें ये आसान तरीके

नौकरी पेशा हो या कारोबारी लगभग सभी को जीवन में लोन की जरूरत पड़ती है. लोन आसानी से मिल जाए इसके लिए जरूरी है कि ग्राहक का सिबिल स्कोर (CIBIL SCORE) अच्छा रहे. खराब सिबिल के चलते लोन मिलने में परेशानी होती है. लेकिन मामूली गलती से भी सिबिल स्कोर पर सीधा असर पड़ता है. अगर आपका सिबिल स्कोर कम है और इसे फटाफट सुधारना चाहते हैं तो इसके लिए जरूरी है कि लोन भुगतान समेत अन्य फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन अच्छा रहे.

कैसे सुधारेगा CIBIL स्कोर?

  • समय पर करें पेमेंट: सिबिल स्कोर खराब होने की सबसे बड़ी वजह में से एक लोन बकाए के पेमेंट में देरी है. ऐस में जब आप EMI का पेमेंट समय करना चाहिए. ताकी क्रेडिट स्कोर को बेहतर बना रहे.
  • क्रेडिट रिपोर्ट में कमियों की जांचें: यदि आपने अपना लोन भर चुके हैं और यह आपकी तरफ से बंद कर दिया गया है. लेकिन एडमिनिस्ट्रेटिव खामियों के चलते आपका लोन एक्टिव दिख रहा है तो इसका असर आपके क्रेडिट स्कोर पर पड़ता है. ऐसे में आपको इन कमियों को खत्म करना चाहिए. इससे आपका सिबिल स्कोर बढ़ेगा.
  • लोन बकाया ना रखें: अगर आप अपना सिबिल स्कोर सुधारना चाहते हैं तो फिक्स डेट से पहले अपने क्रेडिट कार्ड की बकाया राशि का पेमेंट करें. साथ ही क्रेडिट स्कोर को सुधारने की योजना बनाएं.
  • लोन गारंटर बनने से बचें: अगर आप जॉइंट अकाउंट होल्डर या लोन के गारंटर बन रहे हैं तो इससे बचें. क्योंकि अगर दूसरी पार्टी से किसी तरह का डिफॉल्ट होता है तो इसका सीधा असर आपके सिबिल स्कोर पर पड़ता है.
  • एक समय पर कई लोन न लें: जरूरत के लिहाज से एक समय पर एक ही लोन लें और उसका समय पर भुगतान करें. कई लोन लेने से संभव है कि बकाया भुगतान में देरी हो या दिक्कत हो. नतीजतन इसका असर आपके क्रेडिट स्कोर पर पड़ता है. वहीं, एक लोन है और उसका समय पर पेमेंट हो रहा है तो इससे सिबिल स्कोर सुधरेगा.
  • लॉन्ग टर्म के लिए लें कर्ज: लोन लेते समय अगर आप लंबी अवधि का चुनाव करते हैं तो इससे EMI कम होगी और इसके पेमेंट में भी आसानी होगी. ऐसे में आप डिफॉल्टर होने से बचेंगे. साथ ही टाइम पर पेमेंट से क्रेडिट स्कोर भी अच्छा होगा.
  • क्रेडिट लिमिट बढ़ाएं: आमतौर पर ग्राहक क्रेडिट लिमिट को कम रखना चाहते हैं. जबकि बैंक इसे ज्यादा रखने की सलाह देते हैं. सही चुनाव के तौर पर क्रेडिट लिमिट ज्यादा रखना चाहिए. क्योंकि इससे खर्चों को मैनेज करने में आसानी होती है.
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