&format=webp&quality=medium)
फायदे का सौदा है Home Loan Prepayment, लेकिन फैसला लेने से पहले इन बातों पर जरूर गौर करें ताकि बाद में न हो पछतावा
तेजी से बढ़ती महंगाई के बीच घर खरीदना बहुत बड़ी बात है. यही वजह है कि ज्यादातर लोग बैंक से होम लोन लेकर घर खरीदने के सपने को पूरा करते हैं. लेकिन होम लोन अधिकतर लंबी अवधि के लिए होते हैं. ऐसे में हर व्यक्ति को लगता है कि किसी तरह से लोन की ईएमआई से जल्द से जल्द छुटकारा मिले और ईएमआई के पैसों का इस्तेमाल निवेश आदि में किया जा सके. अगर आपके साथ भी ऐसा कुछ है तो होम लोन प्रीपेमेंट आपके लिए मददगार हो सकता है. जानिए इसका क्या फायदा है.
आप जब स्वैच्छिक तौर पर अपनी EMI से ज्यादा रकम का भुगतान बैंक को करते हैं तो उसे प्री-पेमेंट कहा जाता है. चूंकि आप उस महीने की EMI का भुगतान पहले ही कर चुके होते हैं, ऐसे में आपके प्री-पेमेंट की रकम आपके मूलधन में से घटा दी जाती है. इससे आपका मूलधन कम होता है और इसका असर आपकी ईएमआई पर पड़ता है. लोन के प्रीपेमेंट के जरिए आप अपने लोन को समय से पहले ही खत्म कर सकते हैं.
होम लोन की किस्तों को भरते समय आप मूलधन के साथ ब्याज भी भर रहे होते हैं. लोन जितने लंबे समय का होता है, आपको उतना ज्यादा ब्याज बैंक को देना पड़ता है. लोन प्रीपेमेंट के जरिए जब आप लोन को समय से पहले चुकाते हैं, तो इससे आप ब्याज में दी जाने जाने वाली लाखों की रकम को बचा सकते हैं.
प्रीपेमेंट आपके क्रेडिट स्कोर को भी बेहतर करता है. इसका कारण है कि प्रीपेमेंट से लेंडर का आप पर भरोसा बढ़ता है. ऐसे में भविष्य में अगर आपको कभी लोन लेने की जरूरत हो, तो आसानी से मिल जाता है.
होम लोन प्रीपेमेंट आंशिक या पूर्ण रूप से किया जा सकता है. इसका सबसे अच्छा तरीका है कि जब भी आपके पास कहीं से इकट्ठे पैसे आएं तो आप उसे होम लोन के खाते में जमा करते रहें. इसके अलावा EMI से इतर हर महीने अपनी क्षमतानुसार 2, 3,4 या 5 हजार रुपए का आप रग्युलेर प्री-पेमेंट करते रहें. इस तरह आप तेजी से अपने ऊपर से कर्ज के बोझ को उतार सकते हैं.
होम लोन प्रीपेमेंट का फैसला लेते समय कुछ बातों पर जरूर गौर करना चाहिए. मान लीजिए आपने होम लोन के अलावा पर्सनल लोन या कार लोन या कोई और लोन भी ले रखा है, तो ऐसे में आपको होम लोन से पहले दूसरे लोन को खत्म करना चाहिए क्योंकि इन सभी लोन का ब्याज होम लोन से ज्यादा होता है. इसके अलावा होम लोन प्रीपेमेंट का फैसला अपनी पारिवारिक जिम्मेदारियों और आर्थिक स्थिति को देखकर लें. ताकि आपको अपने डिसीजन पर कोई पछतावा न हो.
Zee Business Hindi Live TV यहां देखें