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Atal Pension Yojana: अगर आप अपनी रिटायरमेंट की अभी से प्लानिंग करना चाहते हैं, तो आपके लिए अच्छा मौका है. आपके बुढ़ापे का ख्याल रखेगी सरकार की अटल पेंशन स्कीम. इस स्कीम में आप मंथली अगर थोड़ी-थोड़ी राशि भी निवेश करते हैं, तो आपकी रिटायरमेंट की तैयारी पूरी हो जाएगी. इसका मतलब ये कि अगर 60 के बाद भी आप ठाठ से रहना है, तो इन सरकारी स्कीम का फायदा लें सकते हैं. दरअसल, सरकार की कई गारंटी पेंशन स्कीम (Pension Schemes) हैं. इससे जुड़कर आप 60 की उम्र के बाद एक निश्चित राशि हर महीने पेंशन (Pension) के तौर मिलती रहेगी.
अटल पेंशन योजना (Atal Pension Scheme) भारत सरकार की एक पेंशन योजना है जो असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को ध्यान में रखकर बनाई गई है. इसमें रिटायरमेंट पाने वाला कस्टमर्स एक तय मासिक पेंशन 1,000-5,000 रुपए तक कमाने में सक्षम बन सकता है. अटल पेंशन योजना (Atal Pension Yojana) इंडिया पोस्ट की ब्रांच में भी उपलब्ध है, जो कोर-बैंकिंग सॉल्यूशन को सपोर्ट करती है.
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अटल पेंशन योजना के तहत रिटायरमेंट कोष में योगदान के रूप में एक पूर्व तय राशि ग्राहक के बैंक खाते से काट ली जाती है. अंशदाता की उम्र और मंथली पेंशन की पसंद आदि पर योगदान की मात्रा अलग होती है.
इसमें 18-40 साल के उम्र के लोग अटल पेंशन योजना में नॉमिनेशन करा सकते हैं. आवेदक के पास बैंक या डाकघर में सेविंग अकाउंट होना जरूरी है. हर ग्राहक के पास केवल एक अटल पेंशन अकाउंट हो सकता है.
अटल पेंशन योजना के तहत वर्तमान अटल पेंशन योजना पांच तय मासिक पेंशन ऑप्शन प्रदान करती है. इसमें आपको 60 साल की उम्र में 1,000, 2,000, 3,000, 4,000 और 5000 रुपये तक मंथली पेंशन मिलने का प्रावधान है.
रजिस्ट्रेशन के समय आपने जो राशि को मासिक, तिमाही या छमाही आधार पर चुना होगा, वह सीधे आपके अकाउंट से काट लिया जाएगा. राशि 42 रुपए से लेकर 1454 रुपए तक अलग-अलग हो सकती है. पहली किस्त रजिस्ट्रेशन के समय कस्टमर के सेविंग अकाउंट से काट ली जाती है. ऑटो डेबिट सुविधा को आप अप्रैल महीने में चेंज कर सकते हैं.
अटल पेंशन योजना न्यूनतम पेंशन की गारंटी देती है. यानी कि सरकार योगदान की अवधि में मिले रिटर्न के मुकाबले वास्तविक रिटर्न में किसी भी कमी को कवर करती है. दूसरी ओर, सब्सक्राइबर को हाई रिटर्न का पेमेंट किया जाता है.
अगर किसी ग्राहक के पास नियत तारीख पर सेविंग अकाउंट में पर्याप्त राशि नहीं है, तो यह योजना बकाया ब्याज के साथ देर हो चुके किस्त का पेमेंट करने का ऑप्शन देती है. यह हर 100 रुपये पर 1 रुपये एक्स्ट्रा देना होता है.
अगर 60 साल से पहले ही योजना से जुड़े व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है तो फिर उसकी पत्नी/पति इस योजना में पैसे जमा करना जारी रख सकते हैं और 60 साल के बाद हर महीने पेंशन पा सकते हैं. एक ऑप्शन यह है कि उस व्यक्ति की पत्नी अपने पति की मौत के बाद एकमुश्त रकम का दावा कर सकती है. अगर पत्नी की भी मौत हो जाती है तो एक एकमुश्त रकम उनके नॉमिनी को दे दी जाती है.