जय जवान, इन्वेस्टमेंट प्लान : सैनिकों के लिए निवेश के आसान टिप्स, ऐसे करें फाइनेंशियल प्लानिंग

जिन हाथों में देश की सुरक्षा की जिम्मा है, क्या उनका भविष्य भी उतना ही महफूज है? हमारे सैनिक सीमा की रक्षा करते हुए अपने भविष्य के लिए सेविंग प्लान के बारे में ज्यादा सोच नहीं पाते हैं.
जय जवान, इन्वेस्टमेंट प्लान : सैनिकों के लिए निवेश के आसान टिप्स, ऐसे करें फाइनेंशियल प्लानिंग

निवेश को लेकर पूरी और सही जानकारी के अभाव में हमारे सैनिक अपने और अपने बच्चों के भविष्य के लिए एक मजबूत प्लानिंग नहीं कर पाते हैं.

जिन हाथों में देश की सुरक्षा की जिम्मा है, क्या उनका भविष्य भी उतना ही महफूज है. हमारे सैनिक सीमा की रक्षा करते हुए अपने भविष्य के लिए सेविंग प्लान के बारे में ज्यादा सोच नहीं पाते हैं. निवेश को लेकर पूरी और सही जानकारी के अभाव में हमारे सैनिक अपने और अपने बच्चों के भविष्य के लिए एक मजबूत प्लानिंग नहीं कर पाते हैं. इस सभी मुद्दों को लेकर 73वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर ज़ी बिजनेस ने CRPF के जवानों के साथ उनकी इंवेस्टमेंट प्लानिंग को लेकर एक विशेष कार्यक्रम किया.

इस कार्यक्रम में देश की रक्षा में तैनात जवानों ने बाजार, निवेश और बचत से जुड़े सवाल उठाए. ज़ी बिजनेस के मैनेजिंग एडिटर सिंघवी ने न केवल जवानों के हर सवाल का बड़ी ही आसान भाषा में और विस्तार से समझाया, बल्कि जवानों को बचत तथा निवेश के गुर भी बताए.

इस मौके पर देश के अलग-अलग हिस्सों में तैनात जवानों ने शेयर मार्केट, म्यूचुअल फंड, सिप, डेट फंड, इक्विटी और लोन से जुड़े अपने-अपने मुद्दे उठाए.

यहां हम उन सवाल और उनके जवाबों को आपके सामने रख रहे हैं जो सीआरपीएफ के जवानों ने कार्यक्रम में उठाए.

- म्यूचुअल फंड में निवेश क्या होता है?
- म्यूचुअल फंड वह निवेश है जिसमें लोग पैसा लगाते हैं. कुछ प्रोफेशनल फंड मैनेजर इस पैसे को अलग-अलग जगह पर निवेश करते हैं. एक तरह का यह सामुहिक निवेश होता है. निवेशकों के समूह मिल कर स्टॉक, अल्प अविधि के निवेश या अन्य सेक्यूरीटीज मे निवेश करते हैं. म्यूचुअल फंड में एक फंड मैनेजर होता है जो फंड के निवेशों को तय करता है और नफा-नुकसान का हिसाब रखता है. इस तरह हुए फायदे-नुकसान को निवेशकों में बांट दिया जाता है.

- म्यूचुअल फंड में निवेश का क्या फायदा होता है?
- म्यूचुअल फंड में निवेश करने का फायदा यह है कि निवेशक को इस बात की चिंता करने की जरूरत नहीं होती कि आप कब शेयर खरीदें या बेचें, क्योंकि यह चिंता फंड मैनेजर की होती है. एक दूसरा फायदा ये होता है कि छोटे निवेशक बहुत कम राशि जैसे 500 रुपये महीना तक निवेश कर सकते हैं. ऐसे में उन्हें सिस्टेमेटिक इनवेस्टमेंट प्लान (सिप) लेना होता है, जिसमें बैंक से ये राशि हर महीने सीधे फंड में ट्रांसफर होती रहती है.

- कितने समय के लिए पैसा निवेश करें?
- इंवेस्टमेंट करते समय हमेशा ध्यान रखें कि पैसा ऐसी जगह लगाएं जहां रिस्क कम हो. इसलिए म्यूचुअल फंड में इंवेस्टमेंट करना चाहिए. लंबी अवधि में जोखिम कम होता है, इसलिए कम से कम 5 साल के लिए पैसा निवेश करना है. 5 साल से कम समय का निवेश जोखिम भरा होता है. 8-10 साल के निवेश पर 15 फीसदी का सालाना रिटर्न मिल सकता है.

- म्यूचुअल फंड में पैसा लगाते समय किन बातों का ध्यान रखें?
- इंवेस्टमेंट करते समय रिस्क का पता होना चाहिए. पैसा लंबे समय के लिए लगाना चाहिए. बाजार के उतार-चढ़ाव पर ध्यान रखें. बाजार गिरते समय पैसा और लगाना चाहिए. सिप (SIP) के जरिए निवेश करना फायदेमंद होता है.

- म्यूचुअल फंड में कैसे निवेश करें?
- किसी फाइनेशियल एडवाइजर की मदद से निवेश कर सकते हैं. अगर आप बाजार की समझ रखते हैं तो आप खुद ही म्यूचुअल फंड में निवेश कर सकते हैं. इसके लिए तमाम कंपनियों के फंड ऑनलाइन उपलब्ध हैं.

- निवेश के लिए अच्छी कंपनी की पहचान कैसे करें?
- कोई अच्छी से अच्छी कंपनी खराब हो सकती है और कोई खराब कंपनी भी अच्छी हो सकती है. इसलिए एक ही कंपनी के शेयर न खरीदें, कई कंपनियों में निवेश करें. ताकि किसी कंपनी में नुकसान होने पर दूसरी कंपनी के फायदे से उसकी भरपाई हो सके. ध्यान रखें कि जैसे हमारा जीवन जोखिम भरा होता है, उसी तरह से निवेश करना भी हमेशा जोखिम भरा होता है. बस आपको संभल कर चलने की जरूरत है.

- वीआरएस पर मिलने वाले पैसे को कहां निवेश करें?
- स्‍वैच्छिक सेवा निवृत्ति योजना (वीआरएस) के पैसे की अगर आपको 15 साल तक जरूरत नहीं है तो 3 से 5 अच्छे म्यूचुअल फंड चुनें और वहां पैसा लगाएं. अगर म्यूचुअल फंड की समझ कम है तो वीआरएस के 10 फीसदी पैसे से सोना खरीदें, कुछ पैसे डेट फंड में निवेश करें और बाकि 70 फीसदी पैसा इक्विटी में लगाएं. सोने में गहने आदि खरीदने की जगह फंड में निवेश करना चाहिए.

- एक जवान को किस तरह लोन लेना चाहिए?
- लोन लेना बिल्कुल भी गलत नहीं है, लेकिन तय करना होगा कि लोन किस जरूरत के लिए लेना है और कितना लेना है. प्रोडक्टिव चीजों के लिए लोन लें. बच्चों की पढ़ाई, घर खरीदने के लिए लोन लें. क्योंकि यह आपका निवेश है. विदेश यात्रा या शॉपिंग के लिए लोन कभी न लें.

लोन के रिस्क को इस तरह करें कम-
अगर आप घर खरीदने के लिए 25 लाख रुपये का लोन लेते हैं. तो होम लोन के साथ ही 25 लाख रुपये का ही टर्म इंश्योरेंस ले लें. टर्म इंश्योरेंस पर बहुत कम प्रीमियम देना होगा. समझ लेना चाहिए कि लोन की ब्याज थोड़ी ज्यादा चुका रहे हैं. इसका फायदा यह होगा कि किसी अप्रिय घटना में आपके टर्म इंश्योरेंस के पैसे से आपका परिवार आसानी से घर की कीमत का भुगतान कर सकता है. इससे आपको मानसिक शांति और पूरी तरह से सुरक्षा मिलेगी.

- फिक्स सैलरी में कितनी बचत करें?
- बचत कितनी हो, यह निश्चित नहीं है. जैसे-जैसे आपका वेतन बढ़ता है उसी रेश्यो में खर्च नहीं बढ़ते हैं. इसलिए बढ़ती हुई सैलरी के साथ सेविंग के रेश्यो को बढ़ाते रहें. बचत हर उम्र में करनी चाहिए. जैसे-जैसे उम्र बढ़ रही है, सैलरी बढ़ रही है, उसी रेश्यो में बचत की राशि भी बढ़ते रहनी चाहिए.

- चिटफंड कंपनी क्या होती हैं?
चिटफंड कंपनियों से हमेशा दूरी बनाकर रखनी चाहिए. जैसे सेना का जवान दुश्मन को दूर से देखते ही उसमें गोली मार देता है, इसी तरह हमें चिटफंड कंपनियों से भी दूरी बनाकर रखनी चाहिए.

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