जानिए बचत के टॉप 5 तरीके, जो गारंटी के साथ देते हैं सबसे अधिक टैक्स-फ्री रिटर्न

हम आपको यहां बचत के कुछ ऐसे तरीकों के बारे में बता रहे हैं, जो गारंटी के साथ सबसे अधिक रिटर्न का वादा करते हैं और रिटर्न पर कोई टैक्स भी नहीं देना पड़ता है.
जानिए बचत के टॉप 5 तरीके, जो गारंटी के साथ देते हैं सबसे अधिक टैक्स-फ्री रिटर्न

भविष्य की जरूरतों को पूरा करने के लिए बचत बहुत जरूरी है (फोटो- Pixabay)

हम सभी अपनी बचत पर ज्यादा से ज्यादा रिटर्न पाना चाहते हैं. म्युयुअल फंड और शेयर बाजार में लगाया गया पैसा बहुत अधिक रिटर्न की उम्मीद तो जगाता है, लेकिन इसके साथ बाजार के जोखिम भी जुड़े होते हैं. आपका पैसा बढ़ने की जगह घट भी सकता है. ऐसे में हम आपको यहां बचत के कुछ ऐसे तरीकों के बारे में बता रहे हैं, जो गारंटी के साथ सबसे अधिक रिटर्न का वादा करते हैं और रिटर्न पर कोई टैक्स भी नहीं देना पड़ता है. इनमें पीपीएफ और ईपीएफ सबसे प्रमुख हैं. हालांकि इन योजनाओं के साथ लॉक-इन पीरियड होता है, और इसलिए भविष्य की अपनी जरूरतों के हिसाब से ही इन योजनाओं में अपना पैसा लगाइए. इन सभी योजनाओं में निवेश करने पर आयकर में छूट का फायदा भी मिलता है.

1. ईपीएफ (EPF)
ईपीएफ में की गई बचत गारंटी के साथ सबसे अधिक रिटर्न देती है. ईपीएफ पर इस समय 8.55 प्रतिशत की दर से ब्याज मिलता है. खबर है कि अगले महीने ईपीएफ पर ब्याज दर बढ़ सकती है. खास बात ये है कि ईपीएफ खाते पर मिलने वाला ब्याज नॉन टैक्सेबल है. यानी इसमें मिलने वाले ब्याज पर टैक्स नहीं लगता है. इस समय ईपीएफ खाते में बेसिक सैलरी का 12% तक राशि निवेशक की कंपनी और इतनी ही राशि निवेशक द्वारा जमा की जा सकती है. ईपीएफ में रिटायरमेंट तक लॉक-इन पीरियड है. बेरोजगारी की स्थिति में ये पैसा निकाला जा सकता है और कुछ शर्तों के साथ एडवांस पैसा भी लिया जा सकता है.

2. वीपीएफ (VPF)
इसकी शर्तें ईपीएफ की तरह ही होती हैं. यदि कर्मचारी चाहे तो स्वेच्छा से वीपीएफ खाते में पैसे जमा कर सकता है. इसमें ब्याज दर 8.55% और ब्याज पूरी तरह नॉन टैक्सेबल है. लॉन-इन पीरियड रिटायरमेंट तक है और पांच साल से पहले प्री-विड्राल संभव नहीं है. इसमें निवेश की कोई सीमा नहीं है.

3. पीपीएफ (PPF)
पीपीएफ में निवेश की सीमा 1.5 लाख रुपये है. लॉक-इन पीरियड 15 साल है. पांच साल से पहले प्री-विड्राल संभव नहीं है. पीपीएफ पर 8 प्रतिशत की दर से ब्याज दिया जाता है, और ब्याज पर टैक्स नहीं लगता है. आमतौर पर असंगठित क्षेत्र के लोगों के लिए पीपीएफ बहुत फायदेमंद है.

4. सीनियर सिटिजन सेविंग्स स्कीम (Senior Citizens Savings Scheme)
ये योजनाएं वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष तौर से बनाई गई हैं. इनकी ब्याज दर 8.7 प्रतिशत है और ब्याज से हुई आय पर कोई टैक्स नहीं देना पड़ता है. इनमें 5 साल का लॉक-इन पीरियड होता है, हालांकि प्री-विड्राल किया जा सकता है.

5. सुकन्या समृद्धि योजना (Sukanya Samridhi Yojana)
यह योजना उन लोगों के लिए है, जिनकी 10 साल से कम उम्र की बेटी है. इसमें निवेश की सीमा प्रतिवर्ष 1.5 लाख रुपये है. 21 वर्ष का लॉक-इन पीरियड है और बेटी की उम्र 18 साल होने पर प्री-विड्राल किया जा सकता है. सुकन्या समृद्धि योजना पर 8.5 प्रतिशत की दर से ब्याज मिलता है और ब्याज से हुई आय पर कोई टैक्स नहीं देना पड़ता है.

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