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Image Source- Reuters
जब से डिजिटल ट्रांजैक्शन का चलन भारत में बढ़ा है, डेबिट कार्ड की तरह ही क्रेडिट कार्ड भी लोगों की पसंद बन गया है. इसका कारण है कि आपके बैंक में अगर पर्याप्त बैलेंस नहीं भी है, तो आप क्रेडिट कार्ड के जरिए पेमेंट कर सकते हैं. ये एक तरह का लोन होता है, जिसे बाद में आपको चुकाना पड़ता है. चुकाने के लिए आपको ग्रेस पीरियड भी मिलता है. अगर आप ग्रेस पीरियड में खर्च की गई रकम चुका देते हैं, तो बैंक आपसे उस रकम के बदले किसी तरह का ब्याज नहीं वसूलता है.
वहीं क्रेडिट कार्ड से शॉपिंग का एक फायदा ये है कि इस पर कई तरह के ऑफर्स, रिवॉर्ड्स, डिस्काउंट वगैरह भी मिलते हैं. इन्हीं सब वजहों से क्रेडिट कार्ड पिछले कुछ समय में तेजी से लोकप्रिय हुआ है. अगर आप नए-नए क्रेडिट कार्ड यूजर हैं, तो आपको इसके इस्तेमाल से जुड़ी कुछ बातों को अच्छी तरह से समझ लेना चाहिए, वरना ये कब आपके लिए परेशानी बन जाएगा, आप जान भी नहीं पाएंगे. ये वो बातें हैं जिनके बारे में आपको बैंक कभी नहीं बताता.
आपको ये तो पता होता है कि क्रेडिट कार्ड से कैश भी निकाला जा सकता है, लेकिन कितना कैश निकाल सकते हैं, इसकी एक लिमिट होती है. लेकिन आपको हमेशा क्रेडिट कार्ड से कैश निकालने से पूरी तरह से बचना चाहिए क्योंकि इसके लिए आपको अच्छा खासा चार्ज देना पड़ता है. वहीं कैश एडवांस पर इंटरेस्ट फ्री क्रेडिट पीरियड का कोई लाभ नहीं मिलता.
ड्यू अमाउंट दो तरह के होते हैं एक टोटल ड्यू और दूसरा मिनिमम ड्यू. अगर आप सिर्फ मिनिमम ड्यू पे करते हैं तो इससे आपको सिर्फ इतना फायदा होगा कि आपका कार्ड ब्लॉक नहीं किया जाएगा, लेकिन आपको बकाए रकम पर तगड़ा ब्याज देना पड़ेगा और ये ब्याज टोटल अमाउंट पर लगेगा. इसलिए क्रेडिट कार्ड का भुगतान करते समय हमेशा टोटल ड्यू का भुगतान करें.
क्रेडिट कार्ड में बेशक आपको अच्छी खासी लिमिट मिली हो, लेकिन आप क्रेडिट कार्ड की लिमिट का 30 फीसदी से ज्यादा इस्तेमाल न करें. एक साथ बड़ी रकम खर्च करने वालों को बैंक वित्तीय रूप से कमजोर मानता है. इससे आपका सिबिल स्कोर खराब होता है. ऐसे में आपको भविष्य में लोन लेने में परेशानी हो सकती है.
कई बार एक से ज्यादा क्रेडिट कार्ड होने पर लोग एक कार्ड को अचानक से बंद करवा देते हैं. इससे क्रेडिट यूटिलाइजेशन रेश्यो बढ़ सकता है क्योंकि आपका क्रेडिट यूटिलाइजेशन रेश्यो पहले दो कार्डों में बंटा था, लेकिन एक कार्ड बंद होने के बाद वो एक ही में होगा. ऊंचे क्रेडिट यूटिलाइजेशन रेश्यो से आपका क्रेडिट स्कोर बिगड़ता है. इसलिए आप कार्ड का इस्तेमाल भले ही न करें, लेकिन उसे एक्टिव रखें.
क्रेडिट कार्ड लेते समय तमाम लोगों को इसे विदेश में इस्तेमाल करने के भी लुभावने ऑफर्स दिए जाते हैं. लेकिन इसके पीछे की कहानी आपको नहीं बताई जाती. विदेश में क्रेडिट कार्ड इस्तेमाल करने पर आपको फॉरेन करंसी ट्रांजैक्शन फीस चुकानी होती है. विदेश में क्रेडिट कार्ड की जगह प्रीपेड कार्ड इस्तेमाल करना बेहतर है.
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